बागपत के बालैनी में अपनी पसंद के प्रत्याशी को वोट न देने पर लेखपाल के परिवार को गांव छोड़ने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाए पीड़ित परिवार को ही धमका दिया। इससे परिवार काफी आहत है। उन्हाेंने उच्चाधिकारियों से शिकायत की बात कही है।
सैदपुर खुर्द गांव की लेखपाल चित्रा ने बृहस्पतिवार को एसपी दफ्तर पहुंचकर बताया था कि गांव का एक जिम्मेदार व्यक्ति उनके परिवार से अपनी पसंद के प्रत्याशी को वोट डलवाना चाहता था। उनके परिवार ने आरोपी की न मानते हुए अपनी मर्जी से वोट दिया। इससे आरोपी उनके परिवार से रंजिश रख रहा है। उनके साथ गाली-गलौज कर गांव छोड़ने की धमकी दे रहा है। इससे वे काफी परेशान हैं। अफसरों के निर्देश पर बालैनी पुलिस उनके घर पर पहुंची। आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाए पीड़ित परिवार को ही धमकाना शुरू कर दिया और बोला कि इस मामले में अफसरों के पास जाने की जरूरत नहीं है। इससे पीड़ित परिवार काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि थाना पुलिस आरोपी व्यक्ति से मिली हुई है। उसके अनुसार ही कार्य कर रही है। वे इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करेंगे। बालैनी थानाध्यक्ष राजपाल सिंह का कहना है कि पुलिस पर लगाया गया आरोप पूरी तरह से गलत है।
दो महिलाओं को घर में घुसकर पीटा
दोघट। बामनौली गांव निवासी मनोज पुत्र बिजेंद्र का अपने ही पड़ोसी रामनरेश पुत्र महावीर के साथ खेत में मेढ को लेकर काफी दिनों से विवाद चला आ रहा है। इसी विवाद के चलते शुक्रवार को मनोज के खेत में जाने के बाद रामनरेश समेत चार लोगों ने उसके घर पर हमला बोल दिया। घर पर मौजूद मुनेश पत्नी मनोज और उसकी चाची कमलेश के साथ अभद्र व्यवहार करते उनकी पिटाई की और जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। खेत से लौटने पर उन्होंने मनोज को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद वह दोनों घायल को लेकर दोघट थाने पहुंचा और रामनरेश समेत चार लोगों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर लेकर मामला दर्ज कर लिया है। अभी तक आरोपी नहीं पकड़े गए है।