भड़ल में जाम लगाते लोग अौर तैनात फोर्स
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दाहा। आर्यन के अपहरण के बाद ही भड़ल गांव के सर्वसमाज के लोगों उसकी तलाश की। रोजाना यहां से करीब 20 लोग जंगलों और शहरों में मासूम की तलाश में निकलते थे। पोस्टर छपवाए गए। बाइकों पर युवाओं का जत्था जंगल-जंगल घूमा। लाश मिलने की सूचना मिली तो तलाश कर रहे युवा और गांव के लागू गमजदा हो उठे।
a रिश्तेदारों ने दी लाश बहने की सूचना
बालैनी। सारी भागदौड़ के बावजूद पुलिस के हाथ खाली थी। आर्यन की लाश बरामद हुई तो इसकी जानकारी भी पुलिस तक नहीं पहुंची। सबसे पहले नेक गांव में रविंद्र के परिवार की रिश्तेदारी है। रविंद्र के पिता ने बताया कि नेक के लोगों ने उन्हें एक शव के हिंडन में बहने की सूचना दी थी। इसके आधार पर ही वह डालूहेड़ा पहुंच गए। यहां शव की शिनाख्त आर्यन के रूप में हुई।
a पुलिस पर लगाए आरोप
बालैनी। जानी के डालूहेड़ा में शव बरामद होने के बाद रविंद्र के रिश्तेदार सुमित ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। आरोप है कि शव को बैग में रखकर बहाया गया था। हालांकि बैग के विषय में पुलिस ने किसी तरह की जानकारी होने से इंकार किया है। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया।