बागपत। वाहन लुटेरों गिरोह के दो सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़ गए। आरोपी पहले कार बुक करते हैं, इसके बाद लूट की वारदात करते हैं। ट्रांसपोर्टर की सूझबूझ से आरोपी दबोचे जा सके हैं। इनके पास से नुकीला पेचकश और नशीले इंजेक्शन बरामद हुए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
बागपत के एक ट्रांसपोर्टर के पास शनिवार दोपहर दो युवक पहुंचे और नोएडा के लिए कार बुक करने लगे। इस दौरान ट्रांसपोर्टर से उनसे आईडी मांगी, तो एक युवक ने जेब से निकालकर आधार कार्ड दे दिया। जो देखने से ही फर्जी प्रतीत हो रहा है। ट्रांसपोर्टर बहाने से उसकी जांच कराने के लिए शहर के एक लोकवाणी केंद्र में पहुुंचे। जानकारी की तो पता चला आधार कार्ड फर्जी है और पुरुष का नहीं महिला का है, जब तक वापस ट्रांसपोर्ट पर दुकान में पहुंचे तो आरोपी युवक वहां से जा चुके थे। ट्रांसपोर्टर युवकों को तलाश करते हुए काठा गांव के पास पहुुंच गया।
वहां आरोपी एक बस में सवार होकर जा रहे थे। उनको बस से उतारकर वापस बागपत लाया गया। इस दौरान उनकी धुनाई की और पुलिस को सौंपा। आरोपियों ने खुद को इटावा का बताया। आरोपियों के पास से एक नुकीला पेचकश और नशीले इंजेक्शन बरामद हुए। आरोपी बुक करके गाड़ी ले जाते हैं और चालक से लूटपाट करते हैं। विरोध करने पर चालक पर हमला कर देते हैं। कोतवाल ने कहा आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। दूसरी तरफ पुलिस हिरासत में एक आरोपी ने बताया उसका दोस्त ठेकेदारी करता है। वह काम के संबंध में बागपत आया था। लूटपाट करने का आरोप गलत है।