शिकोहपुर के ग्राम पंचायत सदस्य राजकुमार की सोमवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पड़ोसी किसान, उनके दो बेटे और भांजे को नामजद करते हुए छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
किसान राजकुमार (48) अविवाहित था। सोमवार सुबह खेत में बाइक से पानी चलाने के लिया गया था। खेत के पास ही शिकोहपुर-ट्यौढ़ी मार्ग पर अचानक पहुंचे बाइक सवार तीन लोगों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
चार गोली लगने से गंभीर रुप से घायल हो गए। पहले उनको बड़ौत के निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां से हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। दिल्ली ले जाते समय मौत हो गई। बाद में पुलिस ने मौका मुआयना किया और राजकुमार के परिजनों से जानकारी की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस के मुताबिक राजकुमार के परिवार का पड़ोसी किसान पंकज उर्फ बॉबी पर खेत की नाली के पानी को लेकर विवाद चल रहा था। कई बार उनके बीच कहासुनी हो गई थी। इसी के चलते वारदात को अंजाम दिया गया है। इस मामले में आरोपी किसान बॉबी, उसके दो बेटे सत्यम, शिवम और भांजे शान्तनु निवासी नांगला और दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। कोतवाल रनवीर सिंह यादव का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही उनको गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
प्लान के तहत दिया वारदात को अंजाम
बागपत। घटना को पूरे प्लान के तहत अंजाम दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाइक पर सवार होकर तीन युवक आए। इनमें से एक बाइक स्टार्ट करके उस पर बैठा रहा। दो आरोपियों ने गोलियां चलाई।
फायरिंग से दहला शिकोहपुर
बागपत। सुबह 9:45 बजे अचानक गोलियां चलनी शुरु हो गई। गांव गोलियों से दहल उठा। इससे वहां पर भगदड़ मच गई। कोई अपने मकान में घुसा तो कोई ट्यूबवैल में। हमलावरों के चले जाने के बाद घटनास्थल पर ग्रामीण पहुंचे।
बचाओ-बचाओ चिल्लाता रहा किसान
बागपत। जिस समय किसान राजकुमार को गोली मारी गई। उस समय कई किसान अपने-अपने खेतों में कार्य कर रहे थे। रास्ते से भी कई व्यक्ति गुजर रहे थे। कुछ तो थोड़ी दूरी पर ही खड़े हुए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो गोली लगने के बाद किसान बचाओ-बचाओ के लिए चिल्लाता रहा। लेकिन किसी ने भी उसकी जान बचाने की हिम्मत नहीं दिखाई। बाद में आरोपी फायरिंग करते और असलाह लहराते हुए फरार हो गए।
परिवार में मचा कोहराम
बागपत। मृतक राजकुमार अपने भाईयों में सबसे छोटा थे। उनके सबसे बड़े भाई महिपाल सिंह सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक हंै। दूसरे भाई महक सिंह मार्केटिंग विभाग में इंस्पेक्टर के पद से रिटायर हुए है। तीसरे भाई रणधीर सिंह किसान है। तीनों भाइयों के बच्चे पुलिस में दरोगा, हेड कांस्टेबल और अन्य विभागों में अच्छे पद पर तैनात है। घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।