चार माह पूर्व बुढ़पुर गांव में सीआरपीएफ के पूर्व जवान अश्वनी की हत्या अवैध संबंधों के चलते उसके ही चाचा ने की थी। पुलिस ने इसका खुलासा करते हुए हत्या में प्रयुक्त तमंचा, कारतूस व एक खोखा बरामद किया है।
बुढ़पुर गांव में 10 नंवबर 2016 को सीआरपीएफ के पूर्व जवान अश्वनी उर्फ काला पुत्र राजकुमार की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जब वह अपनी ट्यूबवेल पर घूमने गया था। इस मामले में उसी के चाचा विनोद पुत्र बलबीर ने अज्ञात में मामला दर्ज कराया था। पुलिस का शक चाचा विनोद पर ही था।
पुलिस जांच में सामने आया कि अश्वनी का परिवार में ही किसी से अवैध संबंध थे जिस कारण वह नौकरी भी छोड़ आया था। थाना प्रभारी रमाला शरद तिलारा ने बताया कि इसी के चलते विनोद ने गोली मारकर उसकी हत्या की थी। पुलिस ने विनोद को हिरासत में लेकर पूछताछ की जिसमें उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा एक खोखा व एक कारतूस उन्हीं की ट्यूबवेल से बरामद कराया है। उधर विनोद के परिजनों का आरोप है कि उसे गलत तरीके से फंसाया गया है।
लेनदेन पर जांच, दूसरे आरोपी की तलाश ःबागपत। रमाला चीनी मिल में पहले गन्ना तौलने को लेकर हुई ककड़ीपुर के नितिन की हत्या में पुलिस ने दूसरे आरोपी की तलाश में कई जगह दबिश दी, लेकिन कामयाबी हाथ नहीं लगी।
पिछले महीने रमाला चीनी मिल में गन्ना तौलने गए ककड़ीपुर गांव के नितिन पंवार के सिर में मामूली कहासुनी के बाद ट्रैक्टर स्टार्ट करने की हत्थी मार दी गई थी। हमले में घायल हुए नितिन को अन्य किसान बड़ौत के एक नर्सिंग होम में लेकर पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
नाराज किसानों ने हंगामा किया था। मृतक के पिता अशोक ने गांव के ही ललित और एक अन्य युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस जांच में दूसरे आरोपी विनीत का नाम प्रकाश में आया। ललित को पुलिस जेल भेज चुकी है, जबकि विनीत की तलाश है।
जांच के दौरान पुलिस को शिकायत मिली है कि नितिन के साथ लेनदेन का विवाद भी था। पुलिस ने इस बिंदु पर भी जांच शुरू की है। एसपी अजय शंकर राय का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। फरार आरोपी को जल्द पकड़ा जाएगा, एक आरोपी को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।