पुलिस सुरक्षा में आर्यन के पिता रविन्द्र।
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छात्र आर्यन की अपहरण के बाद हुई हत्या के मामले में 15 दिन की दौड़ भाग के बाद पुलिस के शक की सुई जनपद के एक गैंगेस्टर पर घूम रही है। जांच-पड़ताल से पुलिस को शक है कि आर्यन के पिता रविंद्र के किसी करीबी व्यक्ति ने गैंगेस्टर से वारदात को अंजाम दिलाया। पुलिस उस गैंगेस्टर की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दे रही है।
भड़ल गांव के कांवड़ सेवा शिविर से 28 जुलाई को छात्र आर्यन की अपहरण के बाद हुई हत्या के मामले में अफसर अभी तक 160-165 संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर चुके हैं। कई अपराधियों की सर्विलांस से लोकेशन भी ली गई। अब पुलिस के शक की सुई दोघट क्षेत्र के एक गैंगेस्टर पर घूम रही है। आशंका है कि आर्यन के पिता रविंद्र के किसी बेहद करीबी ने गैंगेस्टर से छात्र की हत्या कराई है।
पुलिस अपराधी की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। पुलिस ने आरोपी गैंगेस्टर तक पहुंचने के लिए उसके परिवार के कई लोगों को थाने पर ला रखा है, लेकिन पुलिस उसको पकड़ने में सफल नहीं हो पा रही है। गैंगेस्टर के पकड़े जाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि वह वारदात में शामिल रहा है या नहीं। क्राइम सीओ श्वेतांभ पांडेय का कहना है कि इस मामले में संदिग्ध लोगों से पूछताछ चल रही है।
जेल में बंद अपराधियों से पूछताछ
बागपत। भड़ल के आर्यन हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस अब जेल में बंद दोघट थाना क्षेत्र के अपराधियों से भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस अपहरण और हत्या करने वाले सक्रिय गैंग की तलाश में जुटी है। बागपत के अलावा मेरठ और पूर्वांचल की जेलों में भी पूछताछ की गई है।
दोघट थाना क्षेत्र के भड़ल गांव से 28 जुलाई को आर्यन का अपहरण हुआ था। दो अगस्त को उसकी लाश मेरठ के जानी थाना क्षेत्र के डालूहेड़ा गांव से बरामद हुई। पुलिस तमाम कोशिशों के बावजूद अब तक सफलता हासिल नहीं कर सकी है।
पुलिस मामले में रविंद्र कुमार के परिवार के उस करीबी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिसने आर्यन को अपहरणकर्ताओं तक पहुंचाया। पुलिस का मानना है कि सैकड़ों लोगों के बीच से कोई जानकार ही आर्यन को लेकर गया है। पुलिस इसी शातिर की तलाश में जुटी है। एसओ दोघट का कहना है कि छानबीन की जा रही है।