बागपत। डेढ़ करोड़ रुपये के लिए चौथी के छात्र आर्यन उर्फ क्रिश का अपहरण कर हत्या करने के मामले में बेशक भड़ल चौकी सस्पेंड हो गई है। अभी और कई पुलिस वालों पर गाज गिरने की संभावना बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार घटना की आंच मेरठ तक पहुंचेगी। गंगनहर से हिंडन में पहुंचे शव की जांच मेरठ के पुलिस अफसर कर रहे हैं।
भड़ल गांव के कांवड़ सेवा शिविर से 28 जुलाई से अपहृत छात्र आर्यन का मंगलवार को मेरठ के डालूहेड़ा में हिंडन में शव मिलते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था। उन्होंने डीआईजी लक्ष्मी सिंह के सामने भड़ल चौकी पुलिस का काला चिट्ठा खोल दिया था। उन्होंने कहा भड़ल चौकी पुलिस की लापरवाही से छात्र आर्यन का अपहरण हुआ और उसकी हत्या भी पुलिस की लापरवाही से ही हुई है। डीआईजी के निर्देशानुसार एसपी पूनम ने चौकी के पूरे स्टाफ को सस्पेंड कर दिया था।
लोगों को जब यह पता चला कि आर्यन का शव सोमवार को ही जानी गंगनहर में बैग में मिला गया था, लेकिन पुलिस वालों ने उसकी शनाख्त कराने का प्रयास नहीं किया। बल्कि उसे हिंडन नदी में पहुंचा दिया। इस पर क्षेत्र के लोगों में पुलिस के प्रति काफी गुस्सा भड़क गया। उनका आरोप है बागपत पुलिस से ज्यादा दोषी मेरठ की जानी पुलिस है।
यहां की पुलिस ने तो आर्यन को तलाश किया, लेकिन मेरठ की पुलिस ने तो शव मिलने के बाद उसे दूसरी जगह फेंक दिया। इस मामले की पुलिस अफसर जांच कर रहे हैं। इसके अलावा भी कई बिंदुओं पर गोपनीय जांच चल रही है। इसमें प्रतीत होता है कि इस मामले में मेरठ पुलिस पर भी कार्रवाई हो सकती है।