अग्रवाल मंडी टटीरी स्थित रेवले फाटक पर पटरी पर लोहा व पत्थर के टुकड़े रखते बच्चें।
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बागपत के अग्रवाल मंडी टटीरी में बच्चों का खेल एक दिन टटीरी रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसे का कारण बन सकता है, क्योंकि आए दिन बच्चे ट्रेन के आने ओर जाने के समय पटरी पर पत्थर ओर लोहे के टुकड़े रख देते हैं। इस ओर रेलवे विभाग के किसी भी अधिकारी और कर्मचारी का ध्यान नहीं होता है। जबकि हर समय यहां पर कर्मचारियों का आना-जाना रहता है।
अग्रवाल मंडी टटीरी स्थित रेलवे लाइन पर बच्चों का खेल हादसे की वजह बन सकता है। हर रोज रेलवे लाइन पर कुछ बच्चे पहुंच जाते हैं जो पटरी पर पत्थर और लोहे के टुकड़े उस समय रख देते हैं, जब ट्रेनों का आने-जाने का समय होता है। उनके लिए तो यह खेल बन जाता है, लेकिन यह छोटी सी चूक हजारों लोगों की जिंदगी को खतरे में डाल सकती है। बच्चों का यह कार्य एक या दो दिन का नहीं बल्कि हर रोज का है। बच्चे पटरी के पास पहुंच जाते है ओर अपना खेल शुरू कर देते हैं। खेल को रेलवे विभाग गंभीरता से नहीं ले रहा है। जबकि कर्मचारियों हर रोज रेलवे लाइन का दौरा करते है, लेकिन इस ओर उनका कोई ध्यान नहीं रहता है। उनकी यह ही चूक एक दिन बड़े हादसे का कारण बन सकती है। बागपत रोड रेलवे स्टेशन के अधीक्षक रामकिशन का कहना है कि वजनदार वस्तु से ही ट्रेन हादसे का खतरा रहता है। पत्थर या लोहे के टुकड़ों से ट्रेन को कोई फर्क नहीं पड़ता है।