बिनौली । रालोद नेता के भाई भूपेंद्र तोमर की हत्या के मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त देसी 12 बोर की बंदूक बरामद की। गिरफ्तार आरोपी ने कहा वह मेरे बेटे के मुकदमे मेें फैसला नहीं होने दे रहा था और वारदात से दो दिन पहले उसने मेरे घर पर गोलियां भी चलाई थी, इसलिए अपने दो साथियों के साथ मिलकर भूपेंद्र की हत्या करनी पड़ी।
रालोद नेता प्रवीण तोमर के भाई भूपेंद्र तोमर ( दिल्ली में फायरमैन) की 27 सितंबर को हत्या की। इस मामले में मृतक के भाई रालोद नेता प्रवीण तोमर ने एक महिला समेत छह लोगों को नामजद कराकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस हत्या के मुख्य आरोपी सतेंद्र पुत्र निर्भय सिंह को सिरसली मोड़ से दबोचा और उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त 12 बोर की देसी बंदूक बरामद की।
पुलिस ने पकड़े आरोपी से पूछताछ के बाद बताया उसका बेटा आयुष धारा 307 में जेल में बंद हैं। कुछ माह पहले उसने गांव के ही रोहित और उसके साले विकास पर गोलियां चलाई थी। इसमें वे घायल हो गए थे। सतेंद्र ने बताया इस मामले में फैसले की बात चल रही थी, लेकिन भूपेंद्र इसमें फैसला नहीं होने दे रहा था। इसलिए उसने अपने दो साथी (सोनू पुत्र महेंद्र निवासी गूंगा खेड़ी और अनिल उर्फ धनपत पुत्र नरेंद्र ककड़ीपुर) के साथ मिलकर भूपेंद्र की हत्या की। मुख्य आरोपी सतेंद्र ने कहा वे जेल में रहे या बाहर रोहित और मोहित सिरसली की भी हत्या करेंगे।
अनिल पहले भी थाने से हो चुका है फरार
बड़ौत। कुछ दिन पहले भूपेंद्र की हत्या में शामिल अनिल उर्फ धनपत निवासी ककड़ीपुर को बिनौली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन वह हवालात में नकब लगाकर भाग गया था।
सतेंद्र की गिरफ्तारी पर मृतक के भाई ने उठाए सवाल ः बड़ौत। भूपेंद्र तोमर के बड़े भाई शिक्षक नेता जितेंद्र तोमर ने कहा सतेंद्र के पकड़े जाते ही पुलिस ने उनके परिवार की पुलिस सुरक्षा हटा ली है, जबकि इसमें दो आरोपी अभी भी फरार हैं और वे अभी भी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इनमें थाने से पहले भी एक आरोपी भाग चुका है। सतेंद्र ने पुलिस से सेटिंग कर आत्मसमर्पण किया है। जबकि सतेंद्र का लाइसेंसी हथियार अभी तक पुलिस ने बरामद नहीं किया है और न ही उसका शस्त्र निलंबित कराया है जो पंजाब राज्य से बना है। उन्होंने सभी हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की और कहा यदि उनके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं दी तो आत्महत्या करने पर मजबूर होंगे।