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पुरा में मां और बेटी की हत्या से दहशत में ग्रामीण

Sat, 29 Jul 2017 12:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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पुरा गांव में घटना की जानकारी लेते एसपी डी प्रदीप कुमार। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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महिला और उसकी बेटी की हत्या की वारदात से गांव पुरा में दहशत फैल गई। हमलावरों ने बेरहमी से दोनों की हत्या की। दम तोड़ने तक उन्हें  गोलियां मारते रहे, धारदार हथियार से प्रहार करते रहे। हत्यारोपियों का खौफ इस कदर ग्रामीणों पर हावी था कि जब पुलिस शवों को पंचनामा भर रही थी तो कोई ग्रामीण आगे आने को तैयार नहीं था। पुलिस को आगे की कार्रवाई के लिए महिलाओं के रिश्तेदारों के पहुंचने का इंतजार करना पड़ा। 
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शुक्रवार सुबह अचानक गोलियों की आवाज से दहशत फैल गई। कृष्णा और बबीता के लगी गोलियों का पता लगाने के लिए शवों के एक्सरे कराए गए। कृष्णा की कनपटी, कंधे, छाती और पीठ पर एक-एक कर चार गोली मारी गई। दो गोली उसके शव से बरामद हुई हैं।

दो गोली शरीर के पार हो गई। उसके शरीर पर गोली के अलावा अन्य चोट का भी निशान मिला है। इससे पता चलता है कि उस पर नुकीले हथियार से भी प्रहार किया गया है। उसकी बेटी बबीता को तीन गोली मारी गई। एक गोली दाई आंख, एक छाती, और एक पीठ पर लगी हुई थी। 
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उसके शरीर से भी दो गोली बरामद हुई है। पुलिस का कहना है कि वारदात से गांव में दहशत है। कोई ग्रामीण कुछ बोलने को तैयार नहीं था, पंचनामे पर हस्ताक्षर करने को भी कोई आगे नहीं आया।  

95 हजार रुपये का झगड़ा ले गया तीन की जान
बागपत। सिर्फ 95 हजार रुपये के बंटवारे पर यह विवाद हुआ, भाई-भाई के खून के प्यासा हो गया। रिश्तों का खून होना शुरू हो गया। तीन की जान अब तक यह विवाद ले चुका है। पुरा गांव निवासी राजपाल सिंह के हिस्से में करीब 45 बीघा जमीन है। उसके धीरज, आदेश और मनीष तीन बेटे थे।

ग्रामीण बताते हैं कि दो साल पहले राजपाल ने अपनी 18 बीघा जमीन ईंट भट्टे के लिए दी थी। भट्ठे पर जाकर आदेश 95 हजार रुपये ले आया। लेकिन परिवार को पता नहीं चल सका। कुछ महीने बाद धीरज को जैसे ही जानकारी मिली तो उसकी आदेश के साथ कहासुनी हो गई। इन रुपयों को लेकर पहले दोनों भाईयों में मारपीट हुई।

करीब सवा साल पहले धीरज की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसमें उसकी पत्नी बबीता ने आदेश को नामजद कराया। परिवार में जमीन के बंटवारे और रुपये के लेनदेन में हुई रंजिश में शुक्रवार को फिर से खून बहाया गया था। हत्या की पैरवी करने पर बबीता और उसकी मां कृष्णा को मौत के घाट उतार दिया। ब्यूरो

पुलिस की लापरवाही ने छीन ली दो और जिंदगी
बागपत। दोहरा हत्याकांड पुलिस की लापरवाही का नतीजा है। धीरज के हत्यारोपी लगातार बबीता और उसकी मां को धमकी दे रहे थे। छह महीने पहले फायरिंग भी की थी, उनके घर पर पथराव किया।

दोनों ने पुलिस से सुरक्षा मांगी। लेकिन दोनों महिलाओं को सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई। पुलिस की इसी लापरवाही से हमलावरों के हौसले बढ़ते गए और आखिरकार दोनों को मौत के घाट उतार दिया। पुरा गांव की बबीता अपने पति धीरज की हत्या के आरोपियों को सजा दिलाना चाहती थी। 19 जुलाई को उसकी गवाही होनी थी, लेकिन किन्हीं कारणों से नहीं हो सकी। अदालत ने दोबारा इसके लिए तिथि मुकर्रर की थी।

मृतका के ममेरे भाई अजीत ने बताया कि छह माह पहले दोनों पर फायरिंग की गई थी, जिसमें वह बाल-बाल बच गई थी। करीब 15 दिन पहले भी पथराव किया गया। आरोप लगाया कि आरेापी पक्ष उन्हें बार-बार धमका रहा था, इसकी जानकारी बार-बार पुलिस को दी गई, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी। पुलिस से शिकायत करते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई, लेकिन सिस्टम चुप रहा। मां-बेटी की सरेआम हत्या कर दी गई।

योजना बनाकर वारदात
दोहरे हत्याकांड में शूटर शामिल रहे। जिस तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे जाहिर है कि पूरी प्लानिंग पहले ही कर ली गई थी। बबीता के ममेरे भाई अजीत का कहना है कि बबीता का देवर मनीष दो दिन पहले ही किसी मामले में जेल जा चुका है। इसी तरह वह धीरज की हत्या से पहले भी किसी मामले में जेल चला गया था। 
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