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अपहृत स्क्रैप व्यापारी नाटकीय ढंग से मवाना पहुंचा

Sat, 03 Sep 2016 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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मवाना थाने में बैठा लोनी का स्क्रैप व्यापारी इरशाद मलिक। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दो दिन से अपहृत लोनी के स्क्रैप और प्रापर्टी डीलर इरशाद मलिक  शुक्रवार सुबह नाटकीय ढंग से मवाना थाना पहुंच गया। उसने पुलिस को बताया उसका बदमाशों ने नशीला पदार्थ सुंघाकर अपहरण किया था। उसे कहां पर रखा। उसे कोई पता नहीं। होश में आया तो उसने खुद को मवाना में पाया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। 
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जिला गाजियाबाद के कस्बा लोनी की पूजा कॉलोनी निवासी व्यापारी इरशाद मलिक ने बुधवार को दोपहर बाद 3:05 बजे अपने बेटे मेहराज को फोन करके कहा था कि बदमाशों ने रुपये और गाड़ी छीन ली है। जल्दी बागपत में मेरठ रोड पर आ जाओ। बदमाश मुझे मार डालेंगे।  इसके बाद परिजनों ने पुलिस को वारदात की जानकारी दी थी। तलाश करने पर उसके परिजनों को ही बागपत-मेरठ रोड पर अग्रवाल मंडी टटीरी के पास उनकी स्वीफ्ट डिजायर खड़ी मिली थी। 

इरशाद का कहीं पता नहीं चला था। पुलिस की कई टीमें व्यापारी की तलाश में लगी हुई थी, लेकिन पुलिस को कामयाबी नहीं मिल रही थी।  शुक्रवार सुबह व्यापारी इरशाद नाटकीय ढंग से मेरठ के मवाना थाना पहुंच गए। उसने पुलिस को बताया बदमाशों ने उसका दो दिन पहले बागपत से अपहरण किया था।
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इस बारे में मवाना की पुलिस ने बागपत पुलिस से संपर्क किया। जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस मवाना पहुंची। पुलिस व्यापारी इरशाद को लेकर शाम को बागपत पहुंची। 

कोतवाली प्रभारी मुकेश कुमार के अनुसार पूछताछ करने पर व्यापारी इरशाद ने बताया  उसे बदमाश नशीला पदार्थ सुंघाकर अपहरण करके ले गए थे। शुक्रवार सुबह होश आया तो उसने खुद को मवाना में चाय की दुकान के पास पाया। बदमाश उसे कहां लेकर गए थे। इसकी उसे कोई जानकारी नहीं है। थाना प्रभारी का कहना है कि इरशाद से पूछताछ की जा रही है।

इरशाद बोला, लाल गाड़ी से किया था अपहरण
लोनी के स्क्रैप व्यापारी इरशाद मलिक से पुलिस जानकारी कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इरशाद ने बताया बदमाशों ने उसका लाल रंग की गाड़ी से अपहरण किया था। बदमाश उसे मेरठ की ओर ले गए थे। 

 पुलिस सूत्रों के मुताबिक स्क्रैप व्यापारी इरशाद मलिक ने बताया  वह बुधवार को लोनी से बागपत होते मेरठ रिश्तेदारी में जा रहा था। जैसे ही वह अग्रवाल मंडी टटीरी के पास पहुंचा, तभी लाल रंग की गाड़ी ने ओवर टेक कर उसकी कार को रुकवा लिया।

उसमें से तीन-चार बदमाश निकले। बदमाशों ने उसको जबरदस्ती अपनी गाड़ी में डाल लिया। विरोध करने पर बदमाशों ने उसके साथ मारपीट की। इस दौरान उसके पैरों से चप्पल निकल गई थी। इसके बाद बदमाश उसे मेरठ की ओर ले गए। इस दौरान उसे नशीला पदार्थ सुंघा दिया।

इससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद बदमाश उसे कहां पर लेकर गए, इसकी उसे कोई जानकारी नहीं है। शुक्रवार सुबह उसने खुद को मवाना में पाया। उसका कहना है कि बदमाश, नगदी, मोबाइल और अन्य सामान लेकर चले गए है। सीओ श्वेतांभ पांडेय का कहना है कि इरशाद मलिक से जानकारी की जा रही है।

उधर, अपहृत इरशाद का दो दिन बाद नाटकीय ढंग पुलिस के पास पहुंचने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई लोग नाटकीय ढंग से मिले हैं। पुलिस उन्हें बरामद नहीं कर पाई थी। बाद में कहानी कुछ ओर निकली थी। 

खेत में कैसे पहुंची चप्पल 
बागपत। इरशाद के परिजनों को टटीरी के पास जिस स्थान पर कार खड़ी मिली थी। उसी जगह पर ज्वार के खेत में इरशाद की एक चप्पल पड़ी थी और दूसरी चप्पल उसकी गाड़ी में थी। उसने कहा बदमाश उसे खेतों की ओर नहीं ले गए थे। आखिरकार उसकी चप्पल खेत में कैसे पहुंची। 

अपहरण की कहानी पर सस्पेंस 
बागपत। पुलिस सूत्रों की माने तो व्यापारी इरशाद मलिक पुलिस अफसरों को अपने अपहरण की जो घटना बता रहा है। उस पर पुलिस सस्पेंस में है। कई पुलिस वालों को तो उसकी कहानी पर यकीन ही नहीं हो रहा है। 
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