बागपत के छपरौली क्षेत्र के बदरखा खादर में हरियाणा के किसानों की दबंगई के खिलाफ छपरौली पुलिस ने राकसेड़ा गांव, जिला पानीपत ( हरियाणा) के 24 लोगों के खिलाफ बवाल का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इसमें नौ लोगों को नामजद किया है।
पुलिस के अनुसार दो दिन पहले हरियाणा के किसानों ने क्षेत्र के गांव बदरखा के किसानों पर दबंगई दिखाकर एक युवक को अपहरण कर लिया था और उसके साथ मारपीट कर जान से मारने का प्रयास किया था। बदरखा के ग्रामीणों ने गांव राकसेड़ा में जाकर युवक को छुड़वाया। इस दौरान हरियाणा के लोगों ने हवा में फायरिंग भी की। ग्रामीणों के साथ पुलिस भी मौके पर पहुंची थी और मामले की जांच कर मामला शांत कराया था। पुलिस के अनुसार यमुना की धारा मोड़ने के लिए बीच यमुना में बांध बनाया विवाद का कारण है, अब इसे दोनों राज्यों के अधिकारियों के प्रयास से दो दिन में बांध हटवाने पर सहमति हुई है।
थाना छपरौली के इंस्पेक्टर दिनेश वशिष्ठ ने बताया बदरखा निवासी ओमदेव पुत्र रगबीर की तहरीर पर गांव राकसेडा़ थाना समालखा जनपद पानीपत (हरियाणा) के नानू पुत्र लाला, आशू पुत्र लाला, कल्लू पुत्र साबर अली, केहर, बक्शी, लक्खा पुत्र मलूक, सोमी पुत्र जगतार और जगतार को नामजद कर 24 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 323, 324 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
दोनों राज्यों के किसानों के बीच बने टकराव के आसार
बागपत । यूपी-हरियाणा सीमा विवाद गहराता जा रहा है। हरियाणा के लोग बदरखा के किसानों पर कई बार हमला कर चुके हैं। शुक्रवार को भी किसान को जबरन अपनी सीमा में ले जाकर बुरी तरह से पिटाई की, लेकिन अफसर इसको गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ऐसी स्थिति में कभी भी हालात बिगड़ सकते हैं।
यह विवाद पिछले तीन दशकों से चल रहा है, लेकिन पिछले छह माह से तो हरियाणा के लोग बदरखा के किसानों पर एक के बाद एक अटैक कर रहे हैं। शुक्रवार को बदरखा गांव के किसान ओमदेव अपने खेत में कार्य कर रहे थे। तभी हरियाणा के जनपद सोनीपत के राकसेड़ा गांव के दर्जनों लोग वहां पहुंचे और ओमदेव को जबरदस्ती यमुना पार ले गए। वहां ओमदेव की पिटाई की। इतना ही नहीं उन लोगों ने खादर में फायरिंग भी की। बाद में दोनों राज्य के अफसर वहां पहुंचे। इसके बाद किसान बंधक मुक्त हुआ। 13 जनवरी को दो किसानों को बंधक बनाकर यातनाएं दी थी। आरोप है कि शिकायत करने के बाद भी पुलिस और प्रशासनिक अफसर मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। हमलावरों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है। इससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है। ऐसी स्थिति में कभी भी दोनों राज्य के किसान आमने-सामने आ सकते हैं। एसपी अजय शंकर राय ने कहा मामले की जांच चल रही है। हरियाणा के अधिकारियों से भी वार्ता चल रही है। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
हरियाणा के लोगों ने कब कब क्या क्या किया
24 नवंबर 2016 : हरियाणा के लोगों ने किसानों की झोपड़ियों में आग लगाई और इंजन तोड़कर चले गए थे।
6 जनवरी 2017 : छपरौली यमुना खादर में राकसेड़ा के लोगों ने करीब दो सौ बीघा फसल पर जहरीली दवाई छिड़की। विरोध करने पर बदरखा के किसानों को पीटा
12 जनवरी 2017 : बदरखा के दो किसानों को बंधक बनाकर यातना दी, किसानों पर फायरिंग की गई।
13 जनवरी 2017 : बदरखा गांव के किसान को बंधक बनाकर मारपीट और फायरिंग की गई।