दोघट। गांगनौली गांव के खूनी कांड से हर कोई सहमा हुआ है। पंकज के पिता रामफल दो दिन से बीमार हैं। गांव के डॉक्टर को बुलाया गया, लेकिन उसने घर पर आने से साफ इंकार कर दिया।
रामफल का तो यहां तक कहना है कि उनके घर पर पुजारी भी नहीं आ रहे है। पशुओं को चारा नहीं मिल रहा है। गांव का एक व्यक्ति उनके घर पर आता था और पशुओं को चारा डालता था, पुलिस ने उसको भी घर पर आने से मना कर दिया है। ऐसी स्थिति में उसका गांव में रहना बड़ा मुश्किल हो रहा है।
वहीं रामफल का कहना है कि उनकी पत्नी सविता और बेटी प्रीति की सोमवार (आज) तेरहवीं होगी। इसके लिए गांव के पंडित को घर पर पूजा पाठ करने को कहा गया, लेकिन पंडित ने घर पर आने से साफ इंकार कर दिया। रामफल का कहना है कि उनकापूरे परिवार बर्बाद हो गया। गांव में काफी पुलिस बल तैनात है। लेकिन उनके घर पर एक पुलिस कर्मी भी नहीं रहता है। मकान से कुछ दूरी पर पुलिसवाले आराम से बैठे रहते है। ऐसी स्थिति में प्रमोद गैंग दोबारा से घर पर आकर वारदात कर सकता है।