कोतवाली से तहरीर देते पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित।
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बसपा के पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित को फिर धमकी देने का मामला सामने आया है। उनको एक बार फोन से सुरेंद्र कालिया नाम के व्यक्ति ने केस में समझौते का दबाव बनाया। दूसरी बार बाइक सवार दो युवकों ने उनकी डेयरी पर पहुंचकर अपने ही फोन से किसी अज्ञात ने भुगत लेने की धमकी दी। उन्होंने कोतवाली में तहरीर दी।
पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित ने बताया वे 29 सितंबर को अपने गांव गाधी में कामधेनु डेयरी पर थे। रात करीब नौ बजे अज्ञात नंबर से फोन आया और खुद को सुरेंद्र कालिया लखनऊ से बताते हुए कहने लगा कि उनके द्वारा कोई रंगदारी और धमकी नहीं दी । यह गिरोह बंद बदमाशों का काम है। आरोपी ने पकड़े साथी सुल्तान को छुड़ाने के लिए उनका फेवर करने को कहा, यह वार्तालाप मोबाइल में कैद हो गई। इसकी पुलिस से शिकायत की ।
वे सात अक्तूूबर को डेयरी की निर्माणाधीन दीवार को देख रहे थे। शाम साढ़े चार बजे उनके पास काले रंग की बाइक पर दो युवक आए। बाइक चलाने वाला युवक हेलमेट लगा रहा था। दूसरे युवक ने समस्या का समाधान करने के संबंध में मोबाइल पर बात करने को कहा। आरोपी ने अपना मोबाइल उनके हाथ में दे दिया।
दूसरी तरह से बोलने वाले ने कहा आजकल तुम फोन की रिकार्डिंग कर रहे हो, अभी तक तुमने अपनी केस वापस नहीं लिया। अंजाम भुगतने को तैयार रहो। हमारे आदमी बागपत, मुजफ्फरनगर, गौतमबद्धनगर में गिरोह चलाते हैं। आरोपी ने उनसे अपना मोबाइल छीन लिया और बाइक दौड़ा दी। इससे परिवार भयभीत है। इस संबंध में उन्होंने कोतवाली में तहरीर दी।
पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित और उनके भाई को धमकी देने के मामले में पुलिस की जांच में सुरेंद्र कालिया का ही नाम सामने आया है। पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित और उनके भाई नारायण दीक्षित से फोन कर आठ और 22 सितंबर को झांसी जेल में बंद मुन्ना बजरंगी के नाम से रंगदारी मांगी । पुलिस ने मोबाइल उपलब्ध कराने के आरोपी सुल्तान निवासी लखनऊ को 29 सितंबर को गिरफ्तार किया।