भाई की हत्या की पैरवी कर रहे किसान की पुलिस सुरक्षा के बीच धनौरा सिल्वनगर गांव के जंगल में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। हत्यारे कार और बाइक से फरार हो गए। सुरक्षा में लगे सिपाही ने भी जवाबी फायरिंग की। पुरानी रंजिश के इस मामले में तीन नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
धनौरा सिल्वर नगर निवासी किसान देवी सिंह (45) रविवार दोपहर अपनी सुरक्षा में लगे सिपाही अनुज के साथ बाइक द्वारा तेड़ा रोड स्थित अपने खेत पर गया था। जैसे ही वह अपनी ट्यूबवेल के पास पहुंचा, तभी बाइक और ऑल्टो कार में सवार होकर हमलावरों ने उन्हें घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। देवी सिंह बचने के लिए खेत की ओर भागा। लेकिन, हमलावरों ने देवी सिंह को घेरकर गोलियों से छलनी कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सिपाही पर भी फायरिंग की गई, जिसमें वह बाल-बाल बच गया। हमलावर फायरिंग करते हुए भाग गए, सुरक्षाकर्मी ने भी फायरिंग की। हमलावर मृतक किसान की बाइक भी ले गए। घटनास्थल के आसपास खेतों में काम कर रहे कई किसान गोलियों से बाल-बाल बचे। वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को परिजनों के आने से पहले ही पोस्टमार्टम के लिए ले गई।
एसपी अजय शंकर राय, एएसपी अजीजुल हक, सीओ श्वेताभ पांडेय, सीओ कर्मवीर और कई थानों की पुलिस ने घटनास्थल का दौरा किया। एसपी का कहना है कि हत्यारों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। मृतक की मां सोहनबीरी देवी ने गांव के ही सगे भाई सोहनबीर, सुनील और उनके पिता थान सिंह एवं कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
डेढ़ साल पहले कर दी गई थी भाई की हत्या
बिनौली। किसान देवी सिंह का भाई सुमित चौधरी दूध का कारोबार करता था। 14 मई 2015 को बड़ौत से गांव लौटते समय उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। देवी सिंह अपने भाई की हत्या के केस में वादी थे। आरोपी देवीसिंह पर केस में समझौते का दबाव बना रहे थे। इसी कारण उस पर जान से मारने की नीयत से पहले भी हमला किया गया था।