मीतली गांव के विकास कार्य के 20.10 लाख रुपये का गबन करने का आरोप दो ग्राम पंचायत अधिकारियों पर लगा है। शिकायत के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो शिकायतकर्ता ने कोर्ट की शरण ली।
कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेकर डीएम समेत पांच अधिकारियों के खिलाफ वाद दायर कर 16 फरवरी को कोर्ट में जवाब दाखिल करने के आदेश दिए। एडवोकेट अजय शंकर शर्मा के मुताबिक ग्राम पंचायत के पूर्व सदस्य मीतली सहदेव सिंह ने ग्राम पंचायत अधिकारी वीरपाल और रणझोल सिंह, ग्राम प्रधान मीतली पर बिना प्रस्ताव के ग्राम पंचायत की 20 लाख रुपये की धनराशि को निकाल कर हड़पने का आरोप लगाकर 24 सितंबर 2016 को सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को शिकायत की।
एडीओ ने सचिव ग्राम पंचायत मीतली को सहदेव सिंह को जानकारी देने के निर्देश दिए, लेकिन उनको बिलों की नकल नहीं दी। सहदेव सिंह ने डीएम को से शिकायत की। डीपीआरओ ने 7 दिसंबर 2016 को ग्राम पंचायत अधिकारी रणझोल सिंह को तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए।
इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो सहदेव ने कोर्ट की शरण ली। अधिवक्ता के मुताबिक सिविल जज जूनियर डिवीजन (प्रथम) किरण गौड़ की कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लकर डीएम, डीपीआरओ, एडीओ (पंचायत), ग्राम पंचायत अधिकारी रणझोल सिंह और खंड विकास अधिकारी बागपत के खिलाफ वाद पंजीकृत कर लिया है और आरोपियों को 16 फरवरी को जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट में तलब किया।