बागपत में नंगला रियावली गांव के मुसाहिद की हत्या को चार दिन व्यतीत हो जाने के बाद भी पुलिस न कटी गर्दन और न हाथ-पैर बरामद कर पाई। अभी तक पुलिस फरार चल रहे आरोपियों को भी नहीं गिरफ्तार कर पाई।
मुसाहिद को धोखे से निवाड़ा गांव में लाकर 16 सितंबर की रात खाने में नशीली गोली देकर उसके सात टुकड़े कर दिए गए थे। बाद में उन्हें यमुना में फेंक दिया गया था।
पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर यमुना से मुसाहिद का धड़ बरामद किया था। जबकि अन्य कटे अंगों को कहीं पता नहीं चल पाया था।
चार दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अभी कटे हुए अन्य अंगों को बरामद नहीं कर पाई है। यमुना में गोताखोर अंगों की तलाश में लगी हुई है। उधर, पुलिस नामजद नौ आरोपियों को भी अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
परिजन खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इस बारे में कोतवाली प्रभारी रनवीर सिंह यादव का कहना है कि मुसाहिद की कटी गर्दन, हाथ और पैरों को बरामद करने तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अभी सफलता नहीं मिल पाई है।