मनरेगा में संविदाकर्मी द्वारा किए गए घोटाले के मामले में प्रशासन की ओर से पहले खाते सीज कराए गए और अब उसकी पत्नी और पत्नी के भाई के खिलाफ मुकदमे के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
डीडीओ हुब लाल ने बताया कि मनरेगा में तैनात अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी ने साइबर क्राइम करते हुए साइट को हैक कर अपने भाई की कंपनी व पत्नी की फर्म को फर्जी तरीके से भुगतान कर दिया। यह खेल कई वर्षों तक चलता रहा।
शिकायत पर जांच के बाद घोटाले की परतें खुलनी शुरू हुई तो एपीओ सामान समेटकर रफू चक्कर हो गए। पिलाना, बिनौली और खेकड़ा ब्लॉक की जांच में करोड़ों का गोलमाल की पर्दाफाश होने के बाद एपीओ, उनकी पत्नी और पत्नी के भाई के खाते सीज कर लाखों रुपये को जब्त कर लिया है।
उन्होंने बताया कि अब एपीओ, उनकी पत्नी और पत्नी के भाई के खिलाफ सरकारी धन का गबन करने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी, इसके लिए शासन को पत्र लिखा गया है। जिला विकास अधिकारी हुब लाल ने बताया कि शासन से आदेश मिलते ही कार्रवाई की जाएगी। एपीओ ने शासनादेश की खिल्ली उड़ाई है। नियम विरुद्ध अपने भाई और पत्नी की फर्म को मनरेगा के तहत टेंडर दिलवाए, खातों में भुगतान भेजा।
गलत तरीके से किया 15104645 का भुगतान
विकास खंड पिलाना में ह्यूम पाइप का भुगतान 177965, खेकड़ा में 1058750, बिनौली में 2271825, सोलर लाइट का भुगतान बागपत ब्लॉक के चौहल्दा में 545625, मीतली में 2152500, गौरीपुर हबीबपुर 215000, बिनौली ब्लॉक के दाह गांव में 1090000, मौजिजाबाद नांगल में 1075000, गांगनौली में 1075000, बिनौली तालाब के लिए 3841250 का भुगतान किया गया। 15104645 का भुगतान गलत तरीके से किया है।