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चेयरमैन पर टिप्पणी, ऑडियो वायरल

Mon, 11 Dec 2017 12:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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निकाय चुनाव के नतीजों के बाद एक महिला और ब्राह्मण समाज के नेता का ऑडियो वायरल हुआ है। इसमें बागपत चेयरमैन राजूद्दीन एडवोकेट पर भी जातिगत टिप्पणी की गई है। इसके अलावा बागपत से चुनाव लड़े अन्य प्रत्याशियों के नाम भी लिए गए हैं। चुनाव को हिंदू-मुस्लिम के आधार पर कराने की मंशा भी जाहिर की गई।
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निकाय चुनाव की मतगणना एक दिसंबर को हुई थी। मतगणना के दौरान एक महिला और ऑडियो में अनिल वशिष्ठ बताए जा रहे व्यक्ति की आपस में मोबाइल पर बातचीत हुई। बागपत में भाजपा की हार की वजह गद्दार बताए गए।

इसके अलावा ब्राह्मण समाज को लेकर भी आपत्तिजनक बातें कही गई। यह भी कहा गया कि अब ब्राह्मण समाज की लड़कियां सड़कों से कैसे गुजरेंगी। चेयरमैन राजूद्दीन पर जातिगत टिप्पणी की गई। इसके अलावा दलितों का भी बार-बार जिक्र किया गया।
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बातचीत से मंशा जाहिर की गई कि चुनाव को हिंदु-मुस्लिम के आधार पर होना चाहिए था। यह भी कहा कि राजूद्दीन मुस्लिम होते हुए हिंदू वोटों से जीता है। व्यक्ति का कहना है कि उसने षड़यंत्र का बदला दिया है। उसके खिलाफ भी षडयंत्र हुआ था।

ऑडियो में भी यह भी खुलासे

बागपत। वायरल ऑडियो में यह भी खुलासा हुआ है कि भाजपा ने बेमन से खेकड़ा और अग्रवाल मंडी टटीरी का टिकट दिया था। महिला नेत्री कह रही है कि टटीरी की प्रत्याशी बड़ी सिफारिश से टिकट लेकर आई थी, जबकि खेकड़ा में नाम के लिए टिकट दिया गया था।

बागपत में रचा जा षडयंत्र: वशिष्ठ

ऑडियों में पिछला निकाय चुनाव लड़ अनिल वशिष्ठ की आवाज बताई जा रही है। इस पर उनका कहना है कि बागपत में सियासी षडयंत्र रचा जा रहा है। समाज को इससे नुकसान होगा। ऑडियो उन्होंने अभी तक नहीं सुनी है। यह बात सच है कि चुनाव से पहले उनके खिलाफ षडयंत्र रचा गया। गौरतलब है कि अनिल वशिष्ठ भाजपा से टिकट के बड़े दावेदारों में से एक रहे।

प्रकरण की जांच कराएंगे : एसपी
ऑडियो वायरल मामले में एसपी जयप्रकाश का कहना है कि इस प्रकरण के बारे में उनके पास अभी कोई शिकायत नहीं की गई है। इसके बावजूद मामले की जांच कराई जाएगी।

समाज को तोड़ने वाले देशद्रोही जैसे: राजूद्दीन 
बागपत। चेयरमैन राजूद्दीन एडवोकेट ने कहा कि बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। समाज को जाति और धर्म के नाम पर बांटने वाले देशद्रोही जैसे हैं। पुलिस को निष्पक्ष जांच कर ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।   ब्यूरो
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