श्रीकृष्णा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, सिंघावली अहीर पर लगे फर्जी दाखिला दर्शाकर छात्रवृत्ति हड़पने के आरोप की शिकायत की जांच डीडीओ ने की। जांच में आरोप सही मिले है। समाज कल्याण विभाग की भूमिका की जांच भी शुरू हो गई है।अफसरों को शक है कि बगैर विभाग की मिलीभगत के छात्रवृत्ति खाते में नहीं डाली जा सकती है। सीडीओ को जांच रिपोर्ट भेज दी।
सिंघावली अहीर गांव स्थित श्रीकृष्णा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पर शामली की छात्रा रेनू रानी पुत्री सुदेश कुमार ने फर्जी दाखिला दिखाकर छात्रवृत्ति हड़पने का आरोप लगाया। इसकी शिकायत डीएम से की।
प्रकरण को गंभीरता से लेकर डीएम ने सीडीओ को जांच के निर्देश दिए। उन्होंने डीडीओ हुब लाल को इसकी जांच सौंपी। उन्होंने बैंक की डिटेल और कॉलेज में दाखिले तक की जांच की।
आशुलिपिक रवि कुमार ने बताया छात्रा का कॉलेज में दाखिला नहीं था और फर्जी तरीके से सेंट्रल ऑफ इंडिया बैंक में रेनू पुत्री सुदेश कुमार के नाम से 3311877400 नंबर से खाता खुला मिला। खाते में 28 मई को समाज कल्याण विभाग द्वारा 32180 रुपये की धनराशि डाली।
डीडीओ हुब लाल ने बताया उक्त धनराशि तीन जून को कॉलेज के खाते में भी डाली। इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है बिना समाज कल्याण विभाग की मिलीभगत से कार्य संभव नहीं है। सीडीओ चांदनी सिंह को जांच रिपोर्ट सौंप दी।
हापुड़ के छात्र ने भी लगाया था आरोप
श्रीकृष्णा कॉलेज पर यह पहला आरोप नहीं है, इससे पहले भी हापुड़ के एक छात्र इसी तरह की शिकायत डीएम और समाज कल्याण विभाग से कर चुका है। हापुड़ के विधायक ने भी जांच कराकर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था।
इसके अलावा दर्जनों छात्र-छात्राओं ने बिना कोर्स संचालित कॉलेज में दाखिला दे दिया, लेकिन परीक्षा नहीं कराई थी, जिसके विरोध में मेरठ-बागपत मार्ग को जाम कर दिया था। घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस ने जांच खुलवाया था। थाने में भी रिपोर्ट दर्ज है।