पुलिस ने असारा गांव के पास एक सप्ताह पहले हुई किशोर आकाश की हत्या के केस का खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने लूट का विरोध करने पर किशोर की हत्या की थी। उनके पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा, तलवार और डंडा बरामद किया गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार सिंह ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में बताया कि इस हत्याकांड में आरोपी जाकिर पुत्र इसराइल और उम्मेद पुत्र गुलाब हसन निवासी असारा हैं, जबकि जाकिर का भाई शकील फरार हो गया।
पुलिस ने बताया कि 11 जनवरी की रात असारा और एलम के बीच रजवाहे के पास से बाइक सवार किशोर आकाश के अलावा कंवरपाल और रामेश्वर बाइक से गुजर रहे थे। आरोपियों ने लूट के इरादे से उन्हें रोकने की कोशिश की। लेकिन आरोपियों ने बाइक नहीं रोकी।
उसके बाद आरोपियों ने उन पर तलवार और डंडे से हमला कर दिया। इसमें आकाश की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने आकाश के दो साथियों को खेत में ले जाकर पेड़ से बांधकर लूटपाट की थी।
आरोपियों ने तमंचे से फायर भी किया था। पकड़े जाने के डर से उन्होंने लूटे गए मोबाइल जला दिए थे। पुलिस ने जले मोबाइलों के अवशेष, हत्या में प्रयुक्त तमंचा, तलवार और डंडा बरामद किया है।
एएसपी का कहना है कि फरार आरोपी शकील की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपी वारदात को अंजाम देकर आराम से अपने घर पर पहुंचकर सो गए थे।
इससे पहले आरोपियों ने बागपत, शामली समेत कई स्थानों पर लूट की कई घटनाओं को अंजाम दिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी दो भाई जाकिर और शकील के परिवार की गांव में ही खूनी रंजिश चल रही है। उसके दो भाई इसरार, नफीस और पिता इसराइल की हत्या हो चुकी है। वहीं जाकिर पर भी गांव के ही फिरोजुद्दीन की हत्या का आरोप है।
आकाश के पास पैसे थे ही नहीं, बदमाशों ने साथियों से लूटे थे 140 रुपये
पुलिस का कहना है कि आकाश के सिर में उम्मेद ने तलवार मारी थी, जबकि जाकिर ने डंडा। पुलिस के मुताबिक बदमाशों ने कंवरपाल और रामेश्वर से 140 रुपये लूटे थे जबकि आकाश के पास रुपये नहीं मिले थे। वारदात के समय बदमाशों को शायद यह अंदाजा नहीं होगा कि बाइक सवारों के पास ज्यादा नगदी है ही नहीं।
ये है मामला...
गौरीपुर गांव निवासी किशोर आकाश की उसकी मां ने पिटाई कर दी थी। घर से नाराज होकर आकाश बड़ौत चला गया। यहां पर उसे शामली जिले के भभीसा गांव निवासी ट्रैक्टर चालक बबलू मिला। आकाश ने बबलू के ट्रैक्टर पर लिफ्ट ली।
बबलू इस मुलाकात के बाद आकाश को अपने घर ले गया और एक सप्ताह तक उसे यहां रखा। इसके बाद 11 जनवरी की रात वह आकाश को ट्रैक्टर पर लेकर उसके घर छोड़ने के लिए जा रहा था। कासिमपुर खेड़ी में ट्रैक्टर खराब हो गया।
बबलू ने गांव से कंवरपाल और रामेश्वर को बुला। ट्रैक्टर ठीक होने में रात हो गई। बबलू ने दोनों के साथ आकाश को भी बाइक पर बैठाकर वापस घर के लिए भेज दिया। रास्ते में ही बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया।