बागपत के शेरपुर लुहारा गांव के दो भाइयों पप्पू और विकास की अपहरण कर हत्या के मामले में पुलिस ने प्रकाश में आए गुराना प्रधान कपिल चौधरी और राजीव को क्लीनचिट दे दी है। इसके अलावा पुलिस ने नामजद आरोपी हिस्ट्रीशीटर अमरपाल उर्फ कालू समेत छह आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
शेरपुर लुहारा गांव के पप्पू को 15 जुलाई को फोन करके घर से आरोपियों ने बुलाया था। उसके भाई विकास को गांव के हिस्ट्रीशीटर अमरपाल ने अपने कब्जे में ले रखा था। दो दिन बाद उनकी गर्दन कटी लाश बदरखा गांव के खादर में यमुना किनारे पड़ी मिली थी।
परिजनों ने गांव के ही हिस्ट्रीशीटर अमरपाल, वीरसैन, सुरेश, नरेश, धर्मदत्त और अरविंद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने 21 जुलाई को आरोपी अमरपाल को गिरफ्तार कर केस का खुलासा कर दिया था। अमरपाल ने खुलासा किया था कि उसने अपने 12 साथियों के सहयोग से विकास और पप्पू का अपहरण, हत्या कर उन्हें ठिकाने लगाया है।
अमरपाल ने पुलिस के सामने बताया था कि विकास की उससे रंजिश चल रही थी। विकास उसकी हत्या करने के फिराक में था। विकास उसकी हत्या करता इससे पहले ही उसने उसे ठिकाने लगा दिया। विकास को वह गुराना गांव के प्रधान कपिल चौधरी और राजीव के साथ मिलकर मुजफ्फरनगर के भौराकलां गांव के पुष्पेंद्र से 1.5 लाख रुपए में सौदा करके कार से लेकर आया था।
गांव में आने के बाद प्रधान कपिल और राजीव ने कहा था कि विकास को अब जिंदा मत छोड़ना। उसके बाद वे दोनो वहां से चले गए थे। बाद में उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर पप्पू और विकास की एक-एक कर फांसी लगाकर हत्या करने के बाद उनकी गर्दन काटकर शवों को यमुना में बहा दिए थे।
इस मामले में पुलिस ने आरोपी प्रधान कपिल और राजीव को क्लीनचिट दे दी है। छपरौली थाना प्रभारी धर्मेंद्र पंवार का कहना है कि नामजद छह आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप-पत्र दाखिल किया गया है। गुराना प्रधान कपिल और जिवाना गांव के राजीव की घटना में कोई भूमिका नहीं पाई गई है। इसलिए उन्हें क्लीचिट दी गई है।
सेटिंग करके निकले आरोपियों के नाम
बागपत। मृतक के भाई तरसपाल का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी प्रधान कपिल और राजीव का नाम केस से सेटिंग करके निकाले हैं। आरोपी अमरपाल ने पुलिस को खुद बताया था कि वह कपिल और राजीव के साथ विकास का पुष्पेंद्र से सौदा करके लाया था। कपिल और राजीव ने उसे कहा था कि इन्हें जिंदा मत छोड़ना। उसका कहना है कि वे इसकी शिकायत उच्चाधिकरियों से करेंगे।