बागपत में मेरठ-बागपत रोड पर बदमाशों ने सोमवार की सुबह मिनी ट्रक को रोड के बीच खड़ा करके धान से भरा कैंटर लूट लिया और चालक और क्लीनर को खेत में बंधक बनाकर डाल गए। बाद में कैंटर को टटीरी रेलवे फाटक के पास दो पहिए निकाल कर छोड़ भागे। उधर, कोतवाली प्रभारी ने इस लूट को फर्जी बताया है।
हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर निवासी चालक राहत ने बताया कि वह, रविवार देर रात कैंटर में धान भरकर क्लीनर आमिर के साथ करनाल के लिए चला था। जब वह डौला और टटीरी के बीच नहर के पास पहुुंचा, तो सड़क के बीचोबीच मिनी ट्रक खड़ा मिला।
कैंटर रोकते ही 8-9 बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। उनसे 16 हजार रुपये लूट लिए। बदमाश उन्हें करीब एक किलोमीटर दूर ले गए और वहां हाथ-पैर बांधकर ईख के खेत में डाल दिया। इसके बाद बदमाश कैंटर को लेकर फरार हो गए।
वे दोनों किसी तरह बंधन मुक्त होकर टटीरी की तरफ पैदल जाने लगे तो रेलवे फाटक के पास कैंटर खड़ा मिल गया। उसके पिछले दो पहिए निकले हुए थे। घटना की सूचना कस्बा चौकी पुलिस को दी। कोतवाली प्रभारी रनवीर सिंह यादव का कहना है कि जांच में मामला पूरी तरह से फर्जी पाया गया है। कैंटर चालक ने टायर चोरी करने के लिए यह ड्रामा किया है। दोनों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
किसान और ट्रक ड्राइवर से लूट
बागपत। बागपत-मेरठ मार्ग पर शमशान घाट के पास सोमवार की सुबह चार बजे बाइक सवार दो बदमाशों ने खेत में बुग्गी लेकर जा रहे किसान पप्पू से दो सौ रुपए लूट लिए। इसी स्थान पर थोड़ी देर बाद ट्रक चालक से बाइक सवार बदमाशों ने 15 सौ रुपये लूटे। पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत नहीं की।
बड़ौत-बिजरौल मार्ग पर राहगीरों से लूटपाट
बड़ौत-बिजरौल मार्ग पर एक बंद पड़े भट्टे के नजदीक रविवार की रात सात सशस्त्र हथियारबंद बदमाशों ने राहगीरों को बंधक बनाकर जमकर लूटपाट की। बदमाशों को जो भी आता दिखाई देता उसे तमंचे दिखाकर बंद पड़े भट्टे में ले जाते और बंधक बनाकर लूटपाट करते।
बड़ौत से बिजरौल जा रहे ज्ञान सिंह से बदमाशों ने पांच हजार रुपये, मोबाइल लूट लिया। ज्ञान सिंह ने बताया कि उनसे पूर्व भी बदमाशों ने सात लोगों को भी बंधक बनाया हुआ था और उनसे हजारों रुपये की नगदी और मोबाइल भी लूट लिए थे। एक घंटे तक उन्हें वहीं बंधक बनाएं रखा।
एक घंटे बाद बदमाश उन्हें यह धमकी देते हुए खेतों के रास्ते फरार हो गए कि यदि यहां से उठे तो गोली मार देंगे। बदमाशों के जाने के काफी देर बाद पीड़ित राहगीर वहां से उठे और गांव की ओर भागे। इसकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने बदमाशों की तलाश की लेकिन सफलता नहीं मिली।
उधर, कोतवाली के एसएसआई विजय सिंह ने ऐसी किसी वारदात की जानकारी होने से इंकार किया है। कहना है कि कोई तहरीर नहीं आई है।