राष्ट्रीय वंदना चौक पर रूट डायवर्ट कर रहे सिपाही का कैंटर चालक के अपहरण करने की सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस ने घेर बंदी कर कैंटर को गौरीपुर में पकड़ लिया और सिपाही को सकुशल बरामद किया। इस दौरान मौके पर भीड़ जमा हो गई। लोगों ने कैंटर चालक और परिचालक की जमकर धुनाई की। पुलिस दोनों को हिरासत में कोतवाली आई।
रविवार को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर गौरीपुर मोड़ पर जाम लग गया। पुलिस ने मेरठ की तरफ से आने वाले भारी वाहनों का रूट डायवर्ट कर उन्हें दिल्ली रोड की तरफ से भेजना शुरू कर दिया। यातायात पुलिसकर्मी महेंद्र और सिपाही ओम कुमार राष्ट्रीय वंदना चौक पर वाहनों का रूट डायवर्ट करने में लगे थे।
इसी दौरान मेरठ रोड की तरफ से कैंटर आया। पुलिस ने उसे दिल्ली रोड की तरफ जाने के लिए कहा, लेकिन कैंटर चालक नहीं माना। चालक की यातायात पुलिस कर्मी से बहस हो गई। इस दौरान सिपाही ओम कुमार भी वहां पहुंच गया। कैंटर चालक ने सिपाही के साथ धक्का-मुक्की भी की।
इसी दौरान सिपाही ओम कुमार कैंटर को कोतवाली ले जाने के लिए कैंटर में बैठ गया। कैंटर चालक ने सिपाही के बैठते ही कैंटर दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर गौरीपुर की तरफ दौड़ दिया। लोगों ने सिपाही के अपहरण का शोर मचा दिया। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर कैंटर को गौरीपुर मोड़पर पकड़ लिया और सिपाही ओम कुमार को सकुशल बरामद किया।
इस दौरान लोगों ने कैंटर चालक और परिचालक को नीचे उतारकर जमकर धुनाई की। पुलिस दोनों को कोतवाली ले गई। इस संबंध में सिपाही ओम कुमार ने कैंटर चालक बलराम और परिचालक मोनू निवासी शीला खेड़ी जनपद जींद हरियाणा के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
उधर, कैंटर चालक बलराम ने बताया कि वह सीतापुर से दर्रे लेकर पानीपत जा रहा था। राष्ट्रीय वंदना चौक पर यातायात पुलिस कर्मी उनसे रुपये की मांग कर रहे थे। मना करने पर उन्होंने परिचालक मोनू को डंडा मार दिया। इसलिए पुलिस कर्मियों से बहस हो गई। पुलिस के डर से वे कैंटर ले गए। अगवा नहीं किया था।
नहीं किया विरोध
बागपत। सिपाही ओम कुमार ने बताया जिस समय कैंटर चालक उसे लेकर भाग रहा था, तो उसने उनका विरोध नहीं किया। उसके पीछे पुलिस लगी हुई थी। उसे पता था कि पुलिस कैंटर को रुकवा लेगी। वह चुपचाप कैंटर में बैठा रहा।