बावली गांव के डबल मर्डर का आरोपी और 15 हजार रुपये का ईनामी रवि बरेली में कृषि विभाग में तकनीकी सहायक की नौकरी करने का मामला सामने आया है। फरारी के दौरान ही नौकरी के लिए सत्यापन हुआ।
पुलिस का दावा है कि यहां से मुकदमे की जानकारी भेज दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद नौकरी कैसे मिली इसकी जांच शुरू करा दी गई है। सत्यापन कर नौकरी ज्वाइन कराने वाले विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।
बड़ौत क्षेत्र के पकड़े गए आरोपी रवि पर उसके गांव के ही जयवीर उर्फ टोनी और राज कुमार की 17 अगस्त 2015 को हत्या करने का आरोप लगा था। तभी से वह फरार चल रहा था। पुलिस उसके मकान की कुर्की कर चुकी थी। मंगलवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। पुलिस अफसरों ने उससे पूछताछ की तो उसने चौंकाने वाला खुलासा किया है।
पुलिस सूत्रों ने बताया आरोपी रवि ने जानकारी दी कि वह बरेली में कृषि विभाग में तकनीकी सहायक की नौकरी कर रहा था। फरारी के दौरान ही उसकी नौकरी लगी। सवाल है कि इस दौरान उसका सत्यापन कैसे हुआ।
हालांकि सीओ बड़ौत सीपी सिंह ने कहा पुलिस सत्यापन में पुलिस ने उस पर मुकदमे की रिपोर्ट भेजी। ऐसे में फिर नौकरी कैसे लग गई। किस स्तर से धांधली हुई है, इसकी जांच के लिए एसपी पूनम ने बरेली के लिए टीम रवाना कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि किस स्तर से नौकरी का सही सत्यापन दर्शाया गया।
छह माह पहले ही किया ज्वाइन ः बागपत। प्रदेश में तकनीकी सहायकों की भर्ती प्रक्रिया करीब छह माह पहले ही पूरी हुई है। जिस दौरान भर्ती हुई, तब रवि पर मुकदमा भी था और वह फरारी भी काट रहा था।
अधिकारी कहिन
एसपी पूनम ने बताया 15 हजार रुपये का इनामी रवि बरेली ब्लाक में नौकरी कर रहा था। यह जानकारी मिली है। वहां पर रवि किस पद पर नौकरी कर रहा था। वह स्थायी पद है या अस्थायी इसका पता लगाने के लिए पुलिस की एक टीम बरेली भेजी गई है। टीम के वहां से आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।