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कत्ल के बाद लौटे, मारीं दो गोलियां

Sun, 08 May 2016 01:51 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
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बामनौली गांव में अर्जुन की हत्या के बाद बंद पड़ा बाजार - फोटो : अमर उजाला
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बागपत। बामनौली गांव में गैंगेस्टर अर्जुन को शनिवार को फिल्मी अंदाज में मारा गया। किराना की दुकान पर उस पर तब तक गोली बरसाई, जब तक उसकी जान नहीं चली गई। इतना ही नहीं आरोपियों ने वहां पर दोबारा जाकर उसके दो गोली मारी। इस वारदात से गांव में दहशत का माहौल है।
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हिस्ट्रीशीटर उधम सिंह करनावल गैंग का सदस्य बताए जाने वाला गैंगेस्टर अर्जुन शनिवार दोपहर अपने गांव बामनौली में बाजार में किराना की दुकान पर सामान खरीद रहा था। सूत्रों के अनुसार उसी समय दो युवकों ने वहां पर आकर अर्जुन पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी थी। दो गोली लगने के बाद ही वह दुकान के गेट में गिर गया। उसको तब तक गोली मारी गई, जब तक उसके प्राण नहीं निकल गए।

इसके बाद आरोपी हथियार लहराते हुए  चले गए। करीब 20 मीटर दूर जाने के बाद आरोपी वापस अर्जुन के पास पहुंचे। आरोपियों ने गाली देकर उसे दो गोली ओर मारी। इसके बाद आरोपी हथियार लहराते चले गए। एसपी रवि शंकर छवि ने कहा गैंगेस्टर अर्जुन को करीब सात गोली मारी गई है। उसके परिजनों ने गांव के ही अंकित और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। मृतक उधम सिंह गैंग का सदस्य था। 
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q योगेश भदौड़ा की हत्या करना चाहता था अर्जुन ः पुलिस सूत्रों के अनुसार अर्जुन ने टीकरी और मुजफ्फरनगर के अपने साथियों के साथ मिलकर मई 2015 में बागपत कचहरी में हिस्ट्रीशीटर योगेश भदौड़ा की हत्या करने का प्लान तैयार किया था। वारदात को अंजाम देने से पूर्व ही बागपत क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपियों को पकड़ लिया था। उस समय आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि उनका इरादा योगेश भदौड़ा के अलावा बुलंदशहर में 70 लाख रुपये लूटने का भी था। 

q पुलिस ने बनाया बदमाश
बड़ौत। मृतक अर्जुन के पिता ब्रहम पाल सिंह ने रोते हुए कहा उसके बेटे ने कोई बदमाशी नहीं की। उसे तो पुलिस ने बदमाश बनाया है। उसे कई मामलों में पुलिस ने झूठा फंसाया है। इसकी मौत का कारण भी पुलिस है। वह बार-बार पुलिस को ही कोसता नजर आ रहा था।

मोबाइल खोलेगा हत्या का राज
बड़ौत। फोन आने के बाद अर्जुन बाजार में केले खरीदने गया, इससे क्या अंदाजा लगाया जा सकता है कि कहीं फोन करने वालों ने भूख के कारण केले तो नहीं मंगाए थे, यह राज उसका मोबाइल खोलेगा कि वह फोन किसने किया। इससे इस हत्या का रहस्य खुलेगा। मृतक पांच भाई और बहन हैं। इनमें सबसे बड़ी बहन मीनू की शादी हो चुकी है। उससे छोटा अर्जुन था। उससे छोटी बहन रेणू है। उससे छोटा नकुल और सबसे छोटा सहदेव है। मृतक के पिता ब्रहम पाल किसान है और खेती कर परिवार का पालन करते हैं। अर्जुन की हत्या के बाद परिवार की महिलाओं में कोहराम मचा हुआ था। उसकी मां पवित्रा और दोनों बहनों का रोते बुरा हाल था। 
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