बागपत में किराना की दुकान पर वार्ता करते आयकर विभाग के अफसर।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
नोटबंदी के बाद अपने बैंक खातों में करोड़ों रुपये जमा करने के मामले में आयकर विभाग ने छापेमारी शुरू कर दी है। विभाग की ई-मेल का जवाब नहीं देने वाले व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर आयकर विभाग की टीम ने रुपयों की बाबत पड़ताल की। खेकड़ा के व्यापार संघ के अध्यक्ष राकेश बिंदल के मकान और प्रतिष्ठान समेत कई स्थानों पर छापामारी की।
संयुक्त आयकर अधिकारी आरकेंद्र सिंह, उप आयकर आयुक्त अनुभव सिंह के नेतृत्व में विभाग की टीम ने बागपत, बड़ौत और खेकड़ा में छापेमारी अभियान चलाया। खेकड़ा व्यापार संघ के अध्यक्ष राकेश बिंदल के प्रतिष्ठान पर टीम ने छापेमारी की। वह चीनी के थोक विक्रेता हैं।
अफसरों ने उनके प्रतिष्ठान और मकान की चेकिंग की। नोटबंदी के दौरान बैंक खाते में एक करोड़ से अधिक रुपये जमा कराए जाने की बात सामने आई है। उधर, बागपत शहर के पांडव रोड पर स्थित व्यापारी मकसूद की दुकान और गोदाम पर छापामारी की।
खाते में जमा किए गए एक करोड़ से अधिक रुपयों की जानकारी मांगी। आयकर विभाग की टीम देखते ही व्यापारियों में ऊहापोह की स्थिति पैदा हो गई। कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद करके चले गए। बताया जाता है कि इन लोगों ने खाते से करोड़ों रुपये का लेनदेन किया है। विभाग की ई-मेल का जवाब नहीं देने वाले व्यापारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
950 लोग आयकर की रडार पर
नोटबंदी के दौरान बैंक खातों में लाखों रुपये जमा करने वाले जिले के करीब 950 लोग आयकर विभाग की रडार पर है। पिछले वर्ष आठ नवंबर को 500 और 1000 के नोट बंदी के समय आयकर विभाग ने कह दिया था कि जिनके खाते में निर्धारित समय अवधि में ढाई लाख रुपये से ज्यादा रुपये पहुंचेंगे, उसको उनका हिसाब देना होगा।