बागपत। सलमू और सलामती के परिवार के छह बच्चे रहस्यमय ढंग से लापता हो गए। तलाश करने के बाद भी उनका पता नहीं चला। पीड़ित परिजनों ने पुलिस से उनकी बरामदगी की मांग की है। हरिद्वार से बुग्गी खींचकर लाने वाली सलमू की बेटी मीना संदिग्ध हालात में छह माह पहले गायब हो गई थी। लखनऊ से पुलिस द्वारा बरामद की गई किशोरी भी लापता बच्चों में शामिल हैं।
निवाड़ा गांव में अलग-अलग झुग्गी में भाई-बहन सलमू और सलामती रहती है। उनके मुताबिक छह बच्चे अफसरों द्वारा सर्दी से बचने के लिए बांटे जा रहे कंबल लेने के लिए घर से गए थे। इसके बाद बच्चे वापस घर नहीं लौटे। बच्चों में सलामती की बेटी गुलिस्ता (7), पौती खैरून (11), मेहरूना (9), पौता गुड्डू (7), सोनू (6) और भतीजा सात वर्षीय दिलशाद (सलमू का बेटा) शामिल हैं। उनको बागपत ही नहीं सोनीपत, मेरठ और अन्य स्थानों पर तलाश किया , लेकिन उनका पता नहीं चला। इससे उनका पूरा परिवार परेशान है। उन्होंने पुलिस से बच्चों की बरामदगी की मांग की है। पुलिस उनकी तलाश में लगी हुई है।
खैरूना को तलाश करने पहले गई मीना
का हरिद्वार में हो चुका है अपहरण
बागपत। खैरूना पहले भी लापता हो गई । उसको तलाश करने के लिए 12 वर्षीय मीना अपने दिव्यांग पिता सलमू के अलावा मां और भाई के साथ हरिद्वार में गई थी। वहां पर उनका घोड़ा चोरी हो गया था। वह बुग्गी खिंचकर शामली तक लेकर आई थी। पता चलने पर शामली प्रशासन ने उनको घोड़ा खरीदकर दिया था। वह दोबारा फिर हरिद्वार अपने पिता के साथ उसको तलाश करने गई थी। सलमू के मुताबिक वहां से ढाई माह पूर्व उसकी बेटी मीना का तीन-चार युवक अपहरण करके ले गए। जो अभी तक नहीं मिली है।
लखनऊ में बालगृह से मिली थी खैरूना
बागपत। खैरूना किसी तरह लखनऊ के लीलावती मुंशी निराश्रित बालगृह में पहुंच गई थी। वहां से कोतवाली पुलिस 24 अक्तूबर 2017 को बागपत लेकर आई थी। उसको बहला-फुसलाकर अपहरण करने के आरोप मरें एक किशोरी अभी भी जेल में बंद है।