बागपत। खेड़की गांव के लोगों ने बैंक के एक फील्ड अफसर पर रिश्वत लेकर लोन पास कराने का आरोप लगाया। तहसील पहुंचकर संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम को शिकायती पत्र सौंपकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
मंगलवार को खेड़की गांव के लोग बागपत तहसील में लगे संपूर्ण समाधान दिवस पहुंचे। डीएम को शिकायती पत्र सौंपा। आरोप लगाया कि गांव में एक बैंक का फील्ड अफसर किसान और मजदूर वर्ग के लोगों को लोन पास कराने के बदले 10 हजार रुपये की मांग करता है। गांव के धर्मवीर, संजय, सुभाष ने बताया उनके कागजात पूरे थे, लेकिन उनसे रिश्वत मांगी । उक्त फील्ड अफसर किसानों के साथ अभद्रता करता है। कोई विरोध करता है उसका काम नहीं करता और गाली-गलौच पर उतारू हो जाता है। जो उसे रिश्वत दे देता है, उसका लोन जल्दी कर देता है, और जो नहीं देता है कार्य उलझा देता है। ऋण मोचन में भी उसने धांधली की है। योजना के चलते कृषकों को गुमराह कर रहा है। ग्रामीणों ने डीएम से कार्रवाई की मांग की। इसमें सुभाष शर्मा, श्रवण कुमार, संजय कुमार, धर्मवीर मौजूद रहे।
नोट बंदी के दौरान नहीं छपे थे दो हजार के नोट
बागपत। आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट पवन तिवारी ने बताया सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से आठ नवंबर से पहले दो हजार और पांच सौ के कितने नोट छप चुके थे और कितने नोट बैंकों में भेज। उन्होंने बताया प्रतिभूति मुद्रण निगम लिमिटेड महाराष्ट्र ने सूचना दी की उस दौरान दो हजार का नोट नहीं छपा था और पांच का नोट बैंकों में नहीं भेजा । तिवारी ने कहा सरकार की लापरवाही के कारण ही जनता को अव्यवस्था का सामना करना पड़ा है। पहले पूरी व्यवस्था करनी थी, उसके बाद नोटबंदी करनी चाहिए थी।