बागपत। गौरीपुर जवाहरनगर की रेशमा की मौत और बाइक पर शव ले जाते परिजनों का तस्वीर मीडिया की सुर्खियां बनते ही जांच बैठ गई। विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में पशुधन मंत्री एसपी सिंह बघेल ने सीएमओ पर नाराज हुए और स्पष्टीकरण मांगा। मंत्री ने कहा यदि एंबुलेंस नहीं थी तो स्वास्थ्य विभाग को किराए का वाहन मंगाकर शव को घर तक भिजवाना चाहिए था।
बुधवार को विकास भवन में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। प्रभारी मंत्री एसपी सिंह बघेल ने समाचार पत्रों में बाइक पर शव ले जाते परिवार की तस्वीर देखी तो सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा से जवाब तलब किया। सीएमओ कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। मंत्री ने कहा यदि अस्पताल में मौत हुई और परिजन शव ले जाने लगे तो एंबुलेंस मिलनी चाहिए था। यदि एंबुलेंस नहीं थी तो स्वास्थ्य विभाग को प्राइवेट गाड़ी का इंतजाम करना चाहिए था। डीएम को उन्होंने मामले की जांच कराने के लिए कहा। डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने इसके लिए जांच कमेटी का गठन किया। डीएम ने कहा अभी उन्हें रिपोर्ट नहीं मिली है, इसके बाद ही वह कुछ कह सकेंगे।
सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने कहा विभागीय कर्मियों की कोई गलती नहीं है। उन्होंने बताया महिला की अस्पताल में मौत हुई और परिजन अपनी मर्जी से शव ले गए। जांच के लिए बुधवार को डॉक्टरों की टीम घर भेजी थी। परिजनों ने कहा वह अपनी मर्जी से बाइक पर शव लेकर आए थे। मंगलवार को सीएमओ की जानकारी में यह मामला नहीं था।