बागपत। पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या में सुनील राठी के अलावा भी एक बंदी भी शामिल था। वह बंदी कौन है, पुलिस भी इसकी गुपचुप तरीके से जांच में जुटी है। सुनील राठी के फतेहगढ़ जेल शिफ्ट होने के बाद बंदियों ने पेशी पर आने के दौरान इस तरह की थ्योरी बयान की है। बंदियों ने कहा जेल में सब चुप्पी साधे हैं, पुलिस प्रतिदिन बंदियों से पूछताछ कर रही है।
मुन्ना बजरंगी की हत्या में निलंबित जेल यूपी सिंह ने सुनील राठी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया, लेकिन जिस तरह वारदात को अंजाम दिया, इससे यह अंदेशा है कि वारदात में अकेला सुनील राठी शामिल नहीं रहा है। राठी के अलावा भी कम से कम एक और बंदी शामिल है। मुख्य आरोपी सुनील राठी के फतेहगढ़ जेल शिफ्ट होने के बाद पेशी पर लाए जा रहे बंदियों ने भी अब वारदात की चर्चा शुरू कर दी। जेल से बाहर निकली बातों में बंदियों के हवाले से कहा जा रहा है कि वारदात में राठी के अलावा एक बंदी और शामिल रहा है। इससे इस बात को भी बल मिलता है कि पिस्टल एक नहीं दो थे। पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन अभी मुंह नहीं खोल रही है। एसपी जयप्रकाश ने कहा हर बिंदू पर जांच चल रही है, वारदात में कितने लोग थे, कैसे हुई, इस पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
क्राइम सीन ऐसा कि अकेला नहीं था सुनील राठी
बागपत। बैरक के बाहर प्लास्टिक की तीन कुर्सियां और एक स्टूल रखा था। एक स्टूल पर कपड़े की गद्दी बनाई गई थी। माना जा रहा है कि इस पर मुन्ना बजरंगी को बैठाया गया होगा। एक स्टूल पर सुनील राठी और दूसरे पर भी कोई न कोई बंदी बैठा था। वह बंदी कौन था, यह पहेली बनीं है। जो चर्चा जेल से बाहर निकली है, इनमें भी इस बात को बल मिल रहा है कि वारदात में कम से कम एक और बंदी शामिल रहा है।
यह है दो पिस्टल की थ्योरी
बागपत। मुन्ना बजरंगी की हत्या की वारदात में दो पिस्टल की थ्योरी का बल मिल रहा है। ऐसा लगता है कि एक हमलावर ने सामने की तरफ से छाती को निशाना बनाकर गोली चलाई और दूसरे ने साइड से सिर को निशाना बनाकर गोली चलाई। अधिकतर गोलियां छाती और सिर में सटाकर मारी गई है। जिला कारागार से एक ही पिस्टल बरामद हुआ है। यदि मुन्ना बजरंगी की हत्या में दो लोग शामिल रहे हैं तो बहुत संभव है कि दो पिस्टल हो सकते हैं।
वायरल फोटो भी कर रहे हैं पुष्टि
बागपत। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद वायरल किए गए फोटो भी वारदात में एक से अधिक लोगों के शामिल होने की थ्योरी की पुष्टि कर रहे हैं। जिस तरह पहले हत्या की, फिर फोटो वायरल किए। फिर गोली मारी और फिर फोटो वायरल किए। इससे लगता है कि बजरंगी के शव के पास काफी देर बाद पुलिस पहुंची। हमलावर काफी देर तक बजरंगी की लाश के पास रहे।