बागपत। खेकड़ा के युवक के अपहरण और थाने से अपहरण के दो आरोपियों को छुड़ाकर ले जाने के मामले में नया मोड़ आ गया। केस का वादी ही अपने बात से मुकर गया। उसने कहा उसके बेटे का अपहरण नहीं हुआ, उसकी मामूली कहासुनी हुई थी। पुलिस ने उस पर अपहरण की तहरीर खुद लिखवाई। उसने अफसरों को पत्र भेजकर शिकायत की।
खेकड़ा निवासी रमेश ने अपनी पत्नी के साथ थाने में पहुंचकर 13 जुलाई की रात में कहा था कि उसके बेटे आकाश का अपहरण कर लिया गया है। यह सुनते ही पुलिस हरकत में आ गई । पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर कुछ ही समय बाद उसके बेटे को बरामद कर दो युवकों को हिरासत में ले लिया था। इसको लेकर थाने में बखेड़ा हुआ था। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को थाने से छुड़ाकर ले जाने का आरोप लगाकर कांग्रेस नेत्री भगवती, उनके बेटे समेत 18 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस केस की विवेचना कर रही है।
इस मामले में शनिवार को नया मोड़ आ गया। रमेश ने पुलिस अफसरों को भेजे पत्र में कहा कि उसके बेटे का अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि एक युवक से मामूली कहासुनी हुई थी। दोनों पक्ष थाने में पहुंच गए थे। इसका थाने में समझौता भी हो गया था। इसके बावजूद पुलिस ने उससे अपहरण की तहरीर खिलवाकर मुकदमा दर्ज किया। इस संबंध में उसने शपथ पत्र भी दिया है।
कांग्रेस नेत्री भगवती देवी ने कहा एक दरोगा रात को उसको घर से जबरदस्ती ले गया। उसको अगले दिन 11 बजे तक थाने में रखा। बाद में उसको कोर्ट में पेश किया। उसने महिला आयोग उत्तर प्रदेश को पत्र भेजकर शिकायत की है। उधर, खेकड़ा थाना एसएसआई मोहम्मद कामिल ने कहा रमेश की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया था। उसके बेटे को बरामद किया। बाद में दो आरोपियों को कुछ लोग थाने से छुड़ाकर ले गए। आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की है। पुलिस पर लगाया आरोप गलत है।