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जिला अस्पताल में महिला मरीज और वार्ड आया में मारपीट

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बागपत। जिला अस्पताल में इलाज कराने पहुंची महिला मरीज और वार्ड आया में ओपीडी कक्ष के बाहर जमकर मारपीट हुई। इसको लेकर अस्पताल में हंगामे की स्थिति हो गई। चिकित्सक ने दोनों को अलग-अलग किया और महिला मरीज का इलाज कर उसे भेजा।
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सांकरौद गांव निवासी फरजाना पत्नी अफसार ने बताया कि वह कई दिन से बीमार है। उसके पांच माह के बच्चे के कान में भी दर्द था, इसलिए वह शनिवार को जिला अस्पताल में इलाज कराने आई। पर्ची लेकर वह ओपीडी कक्ष नंबर सात के बाहर बैठी हुई नंबर आ इंतजार कर रही थी। चिकित्सक ने उसे अंदर आने का इशारा किया। जब वह अंदर जाने लगी तो ओपीडी कक्ष के बाहर खड़ी वार्ड आया ने उसे रोका और अंदर नहीं जाने दिया। इसको लेकर उनमें कहासुनी हो गई। आरोप है कि वार्ड आया ने उसके साथ मारपीट की। वहीं वार्ड आया राजबाला ने कहा महिला मरीज बिना नंबर के ही अंदर जा रही थी। उसे लाइन में लगने को कहा तो उसने गाली गलौच की और मारपीट करने लगी। इसको लेकर अस्पताल में हंगामे की स्थिति बन गई। ओपीडी में मरीजों की जांच कर रहे चिकित्सक विनोद ने दोनों महिलाओं को अलग-अलग कर मामला शांत कराया। महिला मरीज और उसके बच्चे का इलाज कराकर वापस भेजा। इस संबंध में सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाह ने बताया कि महिला मरीज वार्ड आया के साथ अभद्रता कर रही थी। इस पर दोनों में मारपीट हुई है। मामले की जांच होगी।

आठ घंटे इलाज के लिए तड़पता रहा घायल
बागपत। जिला अस्पताल में घायल व्यक्ति आठ घंटे तक इलाज के लिए तड़पता रहा। परिजनों का आरोप है कि इलाज नहीं मिला तो परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर चले गए। टांडा निवासी सत्यवीर उर्फ राजन पुत्र रघुवीर सिंह शुक्रवार की रात में मकान की छत पर सो रहा था। रात्रि 11 बजे के लगभग वह नींद में उठाकर चलने लगी और छत से नीचे जा गिरा। हादसे में वह गंभीर घायल हो गया। उसकी कमर में गहरा घाव हो गया। बेटे सुनील ने बताया रात्रि में करीब दो बजे वे घायल को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। आरोप है कि दो बजे से शनिवार की सुबह दस बजे तक मरीज तड़पता रहा। आरोप है कि चिकित्सकों ने उसका इलाज तक नहीं किया। इसको परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। इलाज न होने पर वे उसे प्राइवेट अस्पताल लेकर चले गए। इस संबंध में सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाह ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है।
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