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पौते ने ही की थी बुजुर्ग पीतम की हत्या

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बागपत। निरपुड़ा गांव में कामधेनु डेयरी पर हुए बुजुर्ग पीतम सिंह की हत्या के मामले में बेहद ही सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस का दावा है कि पीतम की हत्या उसके ही पौत्र दीपेंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर की है। इनमें प्रमोद गांगनौली गैंग के दो साथी शामिल रहे हैं। जो सगे भाई हैं। हत्या की साजिश बागपत कारागार में रची गई थी। डबल मर्डर के केस में समझौता न होने पर हत्या का प्लान बनाया था।
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एसपी जय प्रकाश ने पत्रकार वार्ता कर बताया पीतम सिंह की हत्या के मामले में तीन आरोपी दीपेंद्र उर्फ निक्की, मोनू उर्फ विक्रांत पुत्र राजेंद्र निवासी निरपुड़ा और प्रशांत पुत्र लोकेश धामा विासी खेकड़ा को गिरफ्तार किया । तीनों आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त एक पिस्टल, एक रिवाल्वर और एक तमंचा और आठ कारतूस बरामद हुए है। गांगनौली गांव के दो भाई राहुल उर्फ टर्रा और कपिल उर्फ पिंटू फरार चल रहे हैं।
एसपी के मुताबिक पकड़ा गया आरोपी दीपेंद्र पीतम सिंह का पौत्र है। पूछताछ करने पर आरोपी दीपेंद्र ने बताया कि 11 अक्तूबर को साढ़े तीन लाख रुपये के लेनदेन में छपरौली निवासी सुनील और उसके बेटे नितिन की हत्या की। इस दौरान सुनील के बेटे अंकित के अलावा सत्यप्रकाश घायल हुए थे। इस केस में उसका भाई भूपेंद्र उर्फ फौजी, पिता नरेश, माता जोगेंद्र, दादा पीतम सिंह के अलावा सन्नी उर्फ सोनू निवासी निरपुड़ा और रिश्तेदार कपिल निवासी खेकड़ा जेल गए हैं। दादा पीतम सिंह की करीब दो माह पहले कोर्ट से जमानत हुई । सुनील और उसके बेटे नितिन की हत्या के केस में उसके परिजन समझौता नहीं कर रहे हैं। वे चाहते थे कि केस में समझौता हो। इसके लिए सुनील के बेटे अंकित और अन्य लोगों को केस में फंसाने की सोची। इसके लिए दादा की हत्या करने का भाई भूपेंद्र ने जेल में ही हत्या की साजिश रची। उसी के अनुसार वारदात को अंजाम दिया।
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पांच दिन पहले अंकित पर
बनाया था समझौते का दबाव
बागपत। पुलिस के मुताबिक डबल मर्डर के मामले में छपरौली कस्बे में पहुंचकर दीपेंद्र और उसके परिजनों ने अंकित पर डबल मर्डर केस में समझौते का दबाव बनाया था। न मानने पर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी थी।

प्रमोद गांगनौली का साथी है राहुल उर्फ टर्रा
बागपत। पुलिस के मुताबिक राहुल उर्फ टर्रा प्रमोद गांगनौली का साथी है। उसने अपने भाई के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया है। टर्रा और दीपेंद्र के परिजन एक-दूसरे को जानते हैं। टर्रा के साथी भी जेल में बंद हैं। उनके कहने पर ही उसने ऐसा किया है।

डबल मर्डर में दीपेंद्र को मिल गई थी क्लीन निट
बागपत। पुलिस के मुताबिक डबल मर्डर के मामले में दीपेंद्र का नाम लिया जा रहा था। जांच में उसको क्लीन चिट मिल गई थी। इस बार उसने वारदात को सहीं दर्शाने के लिए अपने चचेरे भाई मोनू से कंधे में खाल को टच होती हुई गोली लगवाई थी। उधर जेल जाते समय दीपेंद्र ने कहा कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई है। उसको इसका अफसोस है।

यह है मामला
बागपत। निरपुड़ा गांव की महिला नीरज पत्नी भूपेंद्र उर्फ फौजी ने दोघट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 30 अक्तूबर को उनकी दूध की डेयरी पर अंकित पुत्र सुनील निवासी छपरौली, अनिल पुत्र चौहल सिह निवासी केल (शामली), टिल्लू पुत्र मुकेश, नीरज पुत्र सत्यप्रकाश, मुकेश पुत्र सत्यप्रकाश निवासीगण कुर्डी नांगल और सतीश पुत्र प्रकाश निवासी तुगाना सहित दो अज्ञात लोगों ने ददिया ससुर पीतम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी व उनका देवर दीपेंद्र उर्फ निक्की गोली लगने से घायल हो गया है।
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