बड़ौत/चांदीनगर/दोघट। जनपद में अलग स्थानों पर चोटी कटने का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। अलग-अलग गांवों में दसवीं की छात्रा समेत छह महिलाओं की चोटी कटी, इससे लोगों में दहशत फैल गई। पीड़ितों के परिवारों का कहना है कि पीड़ित को पहले बिल्ली दिखाई दी। इसके बाद चोटी कटने की जानकारी होती है।
खैला निवासी गुलशन कुमार अपनी पत्नी लक्ष्मी देवी और बच्चों के साथ सोमवार की रात में मकान के कमरे में सो रहा था। रविवार की सुबह लक्ष्मी देवी उठी तो उसको चोटी कटी हुई मिली। पता चलते ही वह बेहोश हो गई। परिजन उसको गाजियाबाद में डॉक्टर के पास लेकर गए। परिजनों के अनुसार लक्ष्मी को काफी देर बाद होश आया।
दोघट क्षेत्र के निरपुड़ा गांव निवासी अफसाना पत्नी महताब मंगलवार को दोपहर के समय करीब 12 बजे घर में बर्तन साफ कर रही थी। अचानक उसके सिर में दर्द हुआ और बेहोश होकर जमीन पर गिर गई। थोड़ी देर बाद उसकी ननद वहां पहुंची तो अफसाना की चोटी कटी हुई मिली। यह देखकर ननद की चीख निकल गई। चोटी कटने की सूचना मिलते ही मौके पर सैकड़ों लोग एकत्र हो गए। परिजन उसको निजी चिकित्सक के पास लेकर गए।
कोताना गांव में सन्नो पत्नी इरशाद सोमवार की रात में अपने घर में सो रही थी। मंगलवार सुबह उठी तो उसकी चोटी और बाल कटे मिले। कटी चोटी देखकर महिला बेहोश हो गई। जलालपुर गांव में ओरिसा पत्नी शौकीन मंगलवार की सुबह करीब सात बजे अपने घर में बैठी हुई थी। तभी उसकी चोटी कट गई। इससे वह बेहोश हो गई। कुछ देर बाद होश में आने पर उसने बताया दो बिल्ली लड़ती हुई देखी दी थी। असारा गांव में नूरजहां पत्नी यूनुस सोमवार की रात में घर में सो रही थी। रात करीब दो बजे उसके सिर में दर्द हुआ तो वह उठी तो उसकी चोटी और बाल कटे पड़े मिले। इसके अलावा जिवाना गुलियान में दसवीं की छात्रा शालू अपने मामा राजेंद्र पांचाल के पास रहती है। वह सोमवार की रात में मकान में सो रही थी। जब वह सुबह उठी तो उसकी चोटी आंगन में कटी पड़ी मिली। पता चलने पर काफी लोगों की भीड़ वहां जमा हो गई। इसको लेकर महिलाएं दहशत में है।