बड़ौत (बागपत)।
बावली की सिंडिकेट बैंक शाखा में चार दिन पहले ऋण की किस्त जमा न करने पर वेतन रोके जाने के बाद कैशियर द्वारा प्रबंधक को बंधक बनाकर मारपीट करने व जान से मारने की धमकी देने के मामले मेें बैंक के मुख्य कार्यालय मणिपाल कार्यालय के अधिकारियों ने संज्ञान में लेकर आरोपी बैंक कैशियर को निलंबित कर दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
सिंडिकेट बैंक की उप शाखा में 29 अगस्त को उस समय कैशियर कुलदीप ने प्रबंधक मनमोहन के केबिन में घुसकर मारपीट की, जब उन्होंने बैंक में लिए गए 56 हजार के ऋण की किस्त जमा न करने पर रीजनल आफिस गाजियाबाद के आदेश पर वेतन रोका था। इसके बाद कैशियर कुलदीप ने शाखा प्रबंधक मनमोहन को केबिन मेें बंधक बनाकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। बैंक के अन्य कर्मचारियों ने उन्हें बामुश्किमल बचाया और उन्होंने कोतवाली में आरोपी कैशियर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। 31 अगस्त को शाम के समय प्रबंधक को आदेश मिले कि कैशियर कुलदीप को निलंबित कर दिया गया है और उन्हें ड्यूटी पर न लगाया जाए। इस पर उन्होंने एक सितंबर को बैंक से उन्हें रिलीव कर दिया है। दूसरी तरफ कोतवाली में दर्ज की रिपोर्ट में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि बावली की सिंडिकेट बैंक शाखा में मारपीट के मामले को अमर उजाला ने प्राथमिकता से साथ प्रकाशित किया था। इसके बाद ही बैंक और पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया था।