बागपत/रोहतक। पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद पुलिस ने आरोपी सुनील राठी के गुर्गों की हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड में भी तलाश शुरू कर दी है। राठी गैंग से हरियाणा के युवक भी जुड़े हैं। पुलिस का संदेह है कि गैंग के यूपी के सदस्य हरियाणा में छिपे हो सकते हैं। इनसे पूछताछ के बाद वारदात में अहम जानकारी मिल सकती है।
बागपत की जिला जेल में डॉन मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी । हत्या का आरोप सुनील राठी पर लगा था। जेल से ही पुलिस को एक पिस्टल भी मिली। वारदात के तार जेल के अंदर और बाहर जोड़ने के लिए राठी गैंग के शातिरों की पुलिस तलाश कर रही है। सुनील राठी के लिए जेल में सामान पहुंचाने वाले गिरोह के सदस्य की हरियाणा के सोनीपत और दिल्ली के बवाना में गिरोह के अन्य साथियों के छिपे होने की आशंका है। हरियाणा के अलावा बागपत के कई युवक तभी से फरार चल रहे हैं। बागपत पुलिस ने गोपनीय तरीके से सुनील राठी गैंग के इस सदस्य को पकड़ने के लिए जाल बिछा दिया है। हरियाणा के सोनीपत और दिल्ली के बवाना में भी बागपत की पुलिस टीम खोजबीन कर रही है। हरियाणा पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस बागपत पुलिस ने गिरोह के सदस्य को पकड़वाने में सहयोग मांगा है। पुलिस भी सुनील राठी गिरोह के सदस्य को पकड़वाने में सहयोग कर रही है।
एसपी जयप्रकाश का कहना है कि हरियाणा में बड़ौत के एक मामले में दबिश दी गई है। बजरंगी हत्याकांड के मामले में छानबीन चल रही है। जेल में पिस्टल कैसे पहुंची, इसकी जांच जेल प्रबंधन की ओर से कराई जा रही है।
नीरज बवाना भी है गिरोह का सदस्य
बागपत/रोहतक। दिल्ली का नीरज बवाना भी सुनील राठी गैंग का सदस्य है। वर्ष 2014 में वह कुख्यात भूरा को छुड़वाने में भी शामिल रहा । बाद में नीरज को पुलिस ने गिरफ्तार किया। नीरज बवाना ही सुनील राठी के कहने पर गिरोह के सदस्यों को हथियार उपलब्ध कराता है।
राठी को हरियाणा के गिरोह के सदस्यों से कराई जाती है वीआईपी मुलाकात
रोहतक। बागपत जेल प्रशासन की लापरवाही से ही जेल में डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या हुई। कचहरी से लेकर जेल के अंदर ही सुनील राठी की
हरियाणा और दिल्ली के गिरोह के सदस्यों से वीआईपी मुलाकात कराई जाती है। सुनील राठी द्वारा जेल से ही गिरोह संचालित करना कोई नई बात नहीं है। उत्तराखंड की जेल में बंद रहने के दौरान भी सुनील राठी ने चीनू गैंग के चार सदस्यों की हत्या कराई । इसके बाद सुनील राठी दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद रहा। इसके बाद उसे बागपत की जेल में शिफ्ट कर दिया। डेढ़ साल पहले बागपत कचहरी में पेशी के दौरान हरियाणा के सोनीपत, पानीपत और दिल्ली के आठ गिरोह के सदस्य सुनील से मिलने के लिए पहुंचे। जिन्हें बागपत की स्वाट टीम ने पकड़ लिया था। पकड़े गए आरोपियों में छह हरियाणा के थे। हरियाणा के गिरोह के सदस्यों पर है पुलिस रका फोकस
वर्ष 2014 में बागपत से भूरा फरारी प्रकरण के बाद दिल्ली, हरियाणा के सदस्यों और भूरा ने हरियाणा में ही शरण ली । गिरोह के सदस्य सद्दाम ने शरण दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। सद्दाम ने खुलासा किया था कि गिरोह में हरियाणा के 10 से अधिक सदस्य हैं। इसलिए किसी भी वारदात में सुनील राठी का नाम आने के बाद पुलिस हरियाणा की तरफ दौड़ती है।