कचहरी परिसर से पेशी के दौरान फरार हुआ जावेद रटौल पुलिस के लिए सिर दर्द बन गया है। पुलिस 12 दिन बाद भी कुख्यात को तलाश नहीं पाई है। जबकि काजी अफसार हत्याकांड के गवाहों को जान का खतरा बना हुआ है। पुलिस अंधेरे में तीर चला रही है।
27 जून को रटौल निवासी जावेद पुत्र आकिल को हत्या के मामले में पुलिस जिला कारागार से कोर्ट में पेशी पर लेकर आई थी। हवालात से कोर्ट ले जाते समय बीच रास्ते में पुलिस को चकमा देकर वह फरार हो गया था। इस मामले में एसपी ने एचसीपी मंतू सिंह शर्मा को सस्पेंड कर दिया था। पुलिस उसकी तलाश में हरियाणा, दिल्ली व यूपी के कई जिलों में दबिश दे चुकी है, लेकिन कहीं कुछ पता नहीं चल सका। एसपी जयप्रकाश ने बदमाश पर 25 हजार रुपये का ईनाम भी घोषित कर रखा है। जावेद के न पकड़े जाने से रटौल गांव में काजी अफसार हत्याकांड के गवाहों को जान का खतरा बना हुआ है। कुछ दिन पहले जावेद के रटौल में आने की सूचना पुलिस को मिली थी, लेकिन वह पुलिस से पहुंचने से पहले ही भाग निकला। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि जावेद की तलाश में पुलिस की दो टीमें लगी हुई हैं। जल्दी ही उसे पकड़ लिया जाएगा। गवाहों की पूरी सुरक्षा की जाएगी