पुलिस ने शुक्रवार की देर रात कोर्ट रोड पर चेकिंग के दौरान हरचंदपुर गांव की प्रधान के पति अयूब की कार से अवैध हथियार बरामद किए। पुलिस ने अयूब के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई और आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा।
हरचंदपुर गांव में मत्स्य पालन ठेके को लेकर प्रधान पक्ष और पूर्व प्रधान पक्ष में विवाद चल रहा है। शुक्रवार को प्रधान पक्ष के 5-6 युवकों ने मत्स्य पालन तालाब पर बने कमरे को गिरा दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रधान पक्ष के 5-6 युवकों को हिरासत में लेकर कोतवाली ले आई। देर रात साढ़े 11 बजे के लगभग प्रधान सितारा बेगम, उनके प्रधान पति अयूब बागपत कोतवाली में हिरासत में लिए गए युवकों को छुड़वाने के लिए आ रहे थे। ग्राम प्रधान के पति की कार को अयूब को पुलिस ने कोर्ट रोड पर रोक कर चेकिंग की तो कार से 315 बोर का एक तमंचा, कारतूस, लाठी, हॉकी, लोहे के पाइप बरामद हुए। पुलिस ने अयूब को गिरफ्तार कर कार को सीज कर दिया है। एसआई सरकार सिंह ने ग्राम प्रधान के पति अयूब के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। शुक्रवार को पुलिस ने अयूब को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि हरचंदपुर गांव की प्रधान के पति अयूब की कार से अवैध हथियार मिले हैं। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की। हरचंदपुर में हुए झगड़े की भी जांच की जा रही है। शीघ्र ही इस मामले में भी रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
मत्स्य पालन तालाब पर पूर्व प्रधान का है कब्जा
ग्राम प्रधान के पति अयूब ने बताया कि उसने मत्स्य जीवि सहकारी समिति बना रखी है। यह समिति पंजीकृत है। 27 फरवरी को समिति के नाम से मत्स्य पालन का ठेका छोड़ा। गांव में मत्स्य पालन तालाब पर पूर्व प्रधान इकबाल ने कब्जा कर रखा है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से भी शिकायत की। पूर्व प्रधान पिछले नौ साल से मत्स्य पालन के पट्टे पर कब्जा किए हैं। पुलिस ने उन्हें झूठा फंसा दिया है।
दोनों पक्षों में तनावपूर्ण स्थिति
हरचंदपुर गांव में मत्स्य पालन के ठेके को लेकर प्रधान और पूर्व प्रधान पक्ष के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने इस मामले में निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई नहीं की तो मामला बिगड़ सकता है और कभी भी दोनों पक्षों में खूनी संघर्ष हो सकता है। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि इस मामले में निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई की जा रही है। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।