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पाबला में स्कूल को लेकर संघर्ष ,आठ घायल

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बागपत। बागपत-बेगामाबाद गांव में विवादित स्कूल के कब्जे को लेकर दो पक्ष में संघर्ष हो गया। इस दौरान दोनों तरफ से लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले। इस दौरान स्कूल भवन और वाहनों में तोड़फोड़ की। दोनों पक्षों ने स्कूल पर अपना-अपना हक होने का दावा कर एक-दूसरे पर हमला और लूटपाट करने का आरोप लगाकर तहरीर दी। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया।
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अग्रवाल मंडी टटीरी कस्बा के रामनगर कॉलोनी निवासी गजेंद्र उर्फ हैप्पी ने बताया के उनका पाबला-बेगमाबाद में चमरावल रोड पर विद्या एकेडमी के नाम से एक स्कूल है। सर्दियों की छुट्टी के चलते बृहस्पतिवार को वह अपने भाई राहुल, पत्नी प्रीति और बहन पूजा व प्रिया के साथ स्कूल का कार्य कर रहे थे। जो स्कूल में शिक्षण कार्य करते हैं। दोपहर करीब दो बजे विपक्षी अपने साथियों के साथ लाठी डंडे और धारदार हथियार और तमंचे लेकर स्कूल में घुसे। आरोपियों ने उनकी कार और स्कूल भवन में तोड़फोड़ शुरू कर दी। विरोध करने पर उन पर हमला कर दिया और उन पर तमंचे तान दिए। उनकी तमंचों की बटों से भी पिटाई की। वे सभी लोग घायल हो गए। किसी तरह पुलिस को सूचना दी। आरोपियों ने ऑफिस से 20 हजार रुपये लूट लिए। पुलिस को आते देख आरोपी धमकी देकर भाग गए। जाते समय उसके गले से सोने की चेन तोड़कर लेकर गए।
वहीं दूसरी पक्ष के लीलू पुत्र कृपाल निवासी पाबला-बेगमाबाद का कहना है कि यह स्कूल उनकी जमीन में है। फिलहाल उनका ही स्कूल पर कब्जा है। विपक्षियों ने उन पर हमला किया है। इसमें वह स्वयं, उसकी मां बिमलेश और चचेरा भाई राजू को चोट लगी हैं। आरोपी स्कूल का सामान ले गए और फायर करते चले गए। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया है। कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने कहा तहरीर के आधार पर कार्रवाई होगी।
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स्कूल एक नाम दो, कोर्ट में चल रहा विवाद
बागपत। स्कूल का विवाद लंबे समय से चल रहा है। कई बार दोनो पक्ष के लोग आमने-सामने आ चुके हैं। दोनों पक्ष ही स्कूल पर अपना-अपना कब्जा होने का दावा कर रहे हैं। गजेंद्र का कहना है कि स्कूल का नाम विद्या एकेडमी है। वहीं लीलू का कहना है कि उनके स्कूल का नाम डीएस पब्लिक स्कूल है। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इस मामले में कई बार पंचायत भी हो चुकी है।

शिक्षिकाओं ने कमरे में घुसकर बचाई जान
बागपत। पीड़ित शिक्षिकाओं का कहना है कि हमलावरों ने उसके साथ अभद्रता की। उन्होंने किसी तरह कमरे में घुसकर जान बचाई। यदि पुलिस समय से न पहुंचती तो आरोपी उनको जान से मार देते।
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