बागपत। काठा गांव में नाव पलटने के बाद बेकाबू हुई भीड़ ने प्रशासन के अफसरों को निशाना बनाया। एसडीएम के अर्दली वीर सिंह उर्फ बॉबी ने बताया उसके साथ भी मारपीट की गई। आरोप लगाया कि एक कमरे में लेकर जाकर उसके साथ मारपीट की गई। उसका हाथ तोड़ दिया। किसी तरह उनके चंगुल से भागकर जान बचाई। आरोप लगाया उसके 10 हजार रुपये बच्चों की फीस के लिए रख हुए थे वह भी निकाल लिए।
सिर में पत्थर लगते ही छाया अंधेरा
बागपत। पीआरडी की जवान सुमन ने बताया सिर में पत्थर लगते ही आंखों के सामने अंधेरा छा गया। उसका पैर टूट गया। कुछ महिला पुलिस कर्मी भीड़ के बीच से निकालकर एक जीप में बैठाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
मुआवजा और दी जाए सरकारी नौकरी
बागपत। पूर्व मंत्री नवाब कोकब हमीद के बेटे अहमद हमीद मौके पर पहुंचे और पीड़ितों को उचित मुआवजा देने की मांग की। मौलाना कासमी के नेतृत्व में उलेमा भी काठा गांव पहुंचे। प्रशासन से मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की ।