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भ्रष्टाचार निवारण मेरठ ने माप बाट निरीक्षक को पकडा

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बड़ौत (बागपत)। भ्रष्टाचार निवारण मेरठ की टीम ने नई मंडी स्थित विधिक माप बाट निरीक्षक को साढे़ चार हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा और उसके खिलाफ कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम धारा के तहत एफआईआर दर्ज कराई। माप निरीक्षक को कोतवाली पुलिस को सौंप दिया गया।
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भ्रष्टाचार निवारण संगठन मेरठ को पट्टी चौधरान निवासी अरुण कुमार वर्मा पुत्र जयकुमार वर्मा, जो कांटे ठीक करने का लाइसेंस धारक है, ने शिकायत दर्ज कराई कि माप बाट निरीक्षक उससे निर्धारित फीस के साथ साढे़ चार हजार रुपये की घूस मांग रहा है। इस शिकायत पर मेरठ से भ्रष्टाचार निवारण संगठन के निरीक्षक चंद्रभान शर्मा, टीम प्रभारी अरविंद शर्मा, निरीक्षक केपी सिंह, राजवीर सिंह, शारदा सिरोही, संजीव सिंह, डीएम बागपत के पास आए और इस मामले में दो प्रशासनिक अधिकारियों को गवाह के रूप में मांगा। उन्होंने विकास प्राधिकारण के नीरज गुप्ता व डीएम कार्यालय के मुकेश को साथ भेजा। टीम ने अरुण वर्मा को साढे़ चार हजार के नोट पर पाउडर लगाकर दिए। जब अरुण ने साढे़ चार हजार माप बाट निरीक्षक कुशलपाल पुत्र ज्ञान सिंह निवासी सहारनपुर को दिए तो टीम के सदस्यों ने उन्हें दबोच लिया। तीन घंटे तक चली कार्रवाई के बाद प्रभारी अरविंद कुमार शर्मा व टीम के अन्य सदस्यों ने कोतवाली मेें माप बाट निरीक्षक कुशलपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं मेें मामला दर्ज किया है और उसे कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
शिकायतकर्ता अरुण वर्मा ने बताया कि माप बाट निरीक्षक काफी समय से निर्धारित फीस के साथ घूस की मांग कर रहे थे और न देने पर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। उनके पास अब शिकायत करने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं था।
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उधर, माप तोल निरीक्षक ने कहा कि उन्हें फंसाया गया है और उन पर यह झूठा आरोप है। इससे पूर्व भी तहसील में आपूर्ति निरीक्षक सुधीर को लुहारी गांव के राशन डीलर सुधीर दांगी की शिकायत पर भ्रष्टाचार निवारण टीम पकड़ा था।
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