बड़ौत (बागपत)। कुरैशियान मोहल्ले में मीट वालों की शिकायत करना एक युवक को महंगा पड़ रहा है। उसे आए दिन धमकियां दी जा रही है। उसके अगवा करने का भी प्रयास किया जा चुका है। तंग होकर वह दुकान बंद कर यहां से जाने को मजबूर हो गया है।
2016 में कोतवाली के सामने कुरैशियान मोहल्ले में व्यापक स्तर पर चल रहे पशु वध कटान की शिकायत पर पुलिस प्रशासन ने छापा मारा था। जिसमें एक दर्जन लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए थे। इस पर मीट वालों को शक था कि उनके मोहल्ले के ही इरशाद नामक व्यक्ति ने मुखबिरी की है। इस रंजिश में 24 अक्तूबर 2016 को ट्यौढ़ी गांव के पास कार में सवार लोगों ने मारपीट कर इरशाद को अगवा करने का प्रयास किया था, लेकिन वह बच गया था। आए दिन आरोपी उससे मारपीट व परिजनों को गाली-गलौच करते रहते हैं। 28 जून को जब वह बाइक से मेरठ से बड़ौत आ रहा था तो बरनावा मोड़ पर उसके साथ मारपीट की गई। इसका मामला भी सरूरपुर खुर्द जनपद मेरठ में भी दर्ज कराया था। इस संबंध में वह पुलिस अधिकारियों एसपी, एडीजी से लेकर मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगा चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मीट माफिया की धमकी और हमलों से तंग आकर इरशाद दुकान बंद कर घर छोड़कर जाने की तैयारी में है।