बागपत। छपरौली क्षेत्र के गांव शबगा गांव के एक पब्लिक स्कूल में शिक्षिका व प्रधानाचार्य ने कक्षा पांच की छात्रा की बेरहमी से पिटाई की। छात्रा की मां ने बस चालक से उसकी पिटाई के बारे में पूछा तो चालक ने मां के साथ बदतमीजी की। पीड़ित छात्रा की मां ने शिक्षिका व प्रधानाचार्य एवं बस चालक के खिलाफ छपरौली थाने पर तहरीर दी। पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न करने पर उसने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
शबगा निवासी नीशू पत्नी सतेन्द्र ने बताया कि गांव के एक पब्लिक स्कूल उसकी बेटी आस्था कक्षा दो, सृष्टि कक्षा पांच एवं बेटा आकाश कक्षा तीन में पढ़ते हैं। बृहस्पतिवार को स्कूल की बस जब गांव में बच्चों को लेने आई तो उसकी बच्चों को बस का ड्राइवर छोड़कर चला गया। उनके पति सतेन्द्र तीनों बच्चों को स्कूल लेकर गए। उन्होंने बस चालक से बच्चों को छोड़कर आने का कारण पूछा तो चालक ने उनके साथ गाली गलौच की। स्कूल में बड़ी बेटी सृष्टि को आफिस में बुलाकर प्रधानाचार्य व शिक्षिका ने बस में न आने के बारे में पूछताछ करते हुए उसकी पिटाई कर दी। बस का चालक सृष्टि को घर छोड़ने चला गया। छात्रा अपनी मां को देखकर रोने लगी और उसे पिटाई के बारे में बताया। मां ने बस चालक से पिटाई के बारे में जानकारी देनी चाही तो चालक ने छात्रा की मां के साथ गाली गलौच कर बदतमीजी की और छात्रा को स्कूल न भेजने की बात कही।
छात्रा की मां नीशू ने बताया कि दो महीने पहले भी उसकी छोटी बेटी आस्था की स्कूल में शिक्षिका द्वारा पिटाई की गई थी। जिस कारण आस्था के कान में चोट लगी थी, लेकिन प्रधानाचार्य ने घर पर आकर माफी मांग ली थी और ग्रामीणों ने समझौता करा दिया था। छात्रा की मां ने छपरौली थाने पर प्रधानाचार्य व शिक्षिका एवं चालक के खिलाफ तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। शुक्रवार को मां नीशू ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस संबंध में स्कूल के प्रधानाचार्य ओमपाल सिंह ने बताया कि छात्रा की पिटाई नहीं की गई। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। छात्रा के पिता ने स्कूल बस के चालक की पिटाई कर दी थी, जिसकी तहरीर थाने पर दे दी गई है। गत बृहस्पतिवार को छात्रा स्कूल में ही नहीं आई थी।