फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस की अदूरदर्शिता, राज बन गई साधु की मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत। किशनपुर बराल के पुराना शिव मंदिर में साधु कृष्णगिरि की पिटाई के बाद मौत राज बन गई है। लेकिन पूरे मामले में पुलिस की अदूरदर्शिता भी बड़ी वजह दिख रही है। साधुओं के दोनों पक्षों का झगड़ा थाने और अस्पताल तक पहुंचा। पुलिस मामले की गंभीरता को भांप नहीं पाई और मेडिकल कराकर दोनों पक्षों को वापस मंदिर भेज दिया। अगर सख्त कार्रवाई की जाती तो कृष्णगिरि की जान बच सकती थी।
विज्ञापन

मृतक साधू के भाई सत्यवीर ने बताया कि कृष्णगिरि बचपन से ही घर का त्यागकर पुराना शिव मंदिर के महंत बाबा महावीर गिरि के पास आकर रहने लगा था। सोमवार रात मंदिर में झगड़ा हुआ। कृष्णगिरि को चोट लगी, उसका मेडिकल भी कराया । रात में पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के साधुओं को उठाकर अपने साथ थाने ले गई। पुलिस ने घायल साधुओं का बड़ौत सीएचसी में मेडिकल कराया। इसके बाद पुलिस ने रात में ही आरोपी साधुओं को समझाकर वापस मंदिर भेज दिया। यहीं से पूरा मामला पेंचीदा हो गया। मंगलवार को दिन निकलने पर कृष्ण गिरि की लाश पड़ी मिली। इसके बाद आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया। पीड़ित पक्ष ने पहले आरोप लगाया कि गला दबाकर हत्या की, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। मृतक के भाई ने तहरीर वापस ले ली। इसके बावजूद पुलिस की अदूरदर्शिता तो साफ झलक रही है। जिन दो गुटों के बीच झगड़ा , उन्हें वापस मंदिर में भेज दिया। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि यदि पुलिस की लापरवाही है तो जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मंदिर के आसपास के लोगों से ली जाएगी जानकारी
बागपत। पुलिस मंदिर के आसपास रह रहे लोगों से भी मामले की जानकारी लेगी। मंदिर में सोमवार रात नौ बजे झगड़ा हुआ। आसपास के घरों तक दोनों पक्षों की आवाजें जा रही थी। मारपीट हुई। एसपी जयप्रकाश का कहना है कि लोगों से मंदिर के विवाद और असली स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है।
विज्ञापन


पहले दी हत्या की तहरीर, फिर बोले कार्रवाई नहीं चाहते
रमाला। एसओ नरेंद्र कुमार ने कहा मृतक के भाई ने पहले हत्या की तहरीर दी । पुलिस छानबीन में जुटी थी और आरोपियों को हिरासत में लिया, लेकिन देर शाम मृतक के भाई ने थाने में दी तहरीर को वापस ले लिया है। यह भी लिखकर दिया है कि कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं।

करोड़ों की संपत्ति और मंदिर की गद्दी का विवाद
रमाला। किशनपुरा बराल में दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर स्थित पुराना शिव मंदिर की दूर तक मान्यता है। मंदिर के महंत महावीर गिरि (95) ही इसकी देखरेख करते हैं। पुलिस को जानकारी मिली है कि महंत के शिष्य कृष्णगिरि और राधे गिरि के बीच गद्दी को लेकर मनमुटाव चल रहा था। झगड़े की वजह भी यही बताई गई है। लोगों का कहना था कि बचपन से ही कृष्ण गिरि मंदिर में रहता था, इस वजह से महावीर गिरि उसे विशेष स्नेह देते थे। जबकि राधे गिरि भी क्षेत्र के लोगों के संपर्क में रहता है और मंदिर के कार्यों में जुटा रहता है। एसपी जयप्रकाश का कहना है कि सभी बिंदुओं पर जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें