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स्टे के बावजूद गिरफ्तार करने का आरोप

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स्टे के बाद भी गिरफ्तार करने का आरोप
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बागपत। फर्जी तरीके से जाति प्रमाण पत्र बनवाकर ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पाने के आरोप में घिरे चार आरोपियों की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्टे हो गया है। प्रमुख निशा देवी के पति का कहना है कि स्टे के बावजूद पुलिस ने गलत तरीके से बीडीसी शियानंद को गिरफ्तार कर किया।
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बता दें छपरौली ब्लाक प्रमुख निशा देवी के जाति प्रमाण पत्र का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जिला स्तरीय कमेटी ने प्रमाण पत्र को फर्जी घोषित कर दिया था। इस मामले में बड़ौत कोतवाली में दर्ज केस में क्राइम ब्रांच की टीम ने ब्लाक प्रमुख के पति संजीव, बीडीसी ऋषिपाल, शियानंद निवासी लूंब और सत्यवीर निवासी रोशनगढ़ के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। पुलिस ने आरोपी शियानंद को 12 जुलाई को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया था। वहां उनकी जमानत हो गई थी। इस मामले में चौधरी संजीव का कहना है कि उन्होंने गिरफ्तारी पर स्टे के लिए हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी। हाईकोर्ट ने छह जुलाई को उनकी अर्जी को स्वीकार कर लिया था और गिरफ्तारी पर स्टे कर दिया था। उसके बावजूद छपरौली पुलिस ने बीडीसी शियानंद को गिरफ्तार किया है। जो पूरी तरह से गलत है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश की अवहेलना की है। उधर छपरौली थाना प्रभारी बृजेश कुमार कुशवाहा का कहना है कि उनको हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं मिली थी। इसलिए आरोपी शियानंद को गिरफ्तार किया गया था।
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