बागपत। पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के मामले में पुलिस और जांच टीम अभी तक विक्की सुन्हैडा से दस बार पूछताछ कर चुकी है। बजरंगी के साथ बैरक में आखिरी रात बिताने वाले सुन्हैडा ने कहा कि उसका एक ही बयान है कि वारदात के वक्त वह बैरक के शौचालय में था। राठी और बजरंगी बाहर थे, इसके बाद गोली चलने की आवाजें आईं। इसके अलावा वह कुछ नहीं जानता। विक्की ने अपनी जान का खतरा भी बताया है।
जिला कारागार में डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद से बागपत न्यायालय में चौकसी बढ़ा दी। बुधवार को जेल से नीटू काठा हत्याकांड के आरोपी विक्की सुन्हैड़ा को पुलिस घेरे के बीच एडीजे स्पेशल एससी/एसटी कार्ट में पेशी पर लाया गया। हवालात से कोर्ट में जाते समय विक्की सुन्हैड़ा ने बताया कि माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या सुनील राठी ने की है। इस हत्याकांड में उससे अभी तक पुलिस की अलग-अलग टीमें 10 बार पूछताछ कर चुकी है, जबकि इसमें उसका कोई हाथ नहीं है। उसने बजरंगी की हत्या होते नहीं देखा है। विक्की ने अपनी जान को खतरा बताया। जब उससे पूछा गया कि किससे जान का खतरा है तो उसने चुप्पी साध ली। कोर्ट में सुनवाई के बाद पुलिस उसे जेल लेकर चली गई। सुन्हैडा ने कहा उसका एक ही बयान है कि उसने हत्या होते नहीं देखी। जिस वक्त गोली चलने की आवाजें आई, वह बैरक के शौचालय में था।
बंदियों से पूछताछ जारी, नतीजा सिफर
बागपत। जिला कारागार में बंदियों के बयान लेने का सिलसिला जारी है, लेकिन अभी तक पुलिस को कारागार से कोई महत्वपूर्ण सुराग हाथ नहीं लगे हैं। अधिकतर बंदियों का एक ही बयान है कि उन्होंने गोलियों की आवाज सुनीं, जबकि हत्या होते नहीं देखी है।