बिजरौल गांव में ससुराल वालों द्वारा विवाहिता को मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जला दिया। महिला की दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने महिला के शव को एसपी कार्यालय पर रखकर हंगामा किया। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसपी के कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद परिजन शव को लेकर चले गए।
शामली जनपद के एलम गांव निवासी युनूस पुत्र यासीन ने बताया कि उसने दस वर्ष पहले अपनी बहन राशिदा की शादी बड़ौत क्षेत्र के बिजरौल गांव निवासी तासिम पुत्र अख्तर से की । ससुराल वाले शादी के कुछ दिन बाद दहेज के लिए उसे परेशान करने लगे। छह जुलाई को दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने राशिदा को मिट्टा का तेल डालकर जिंदा जलाया । गंभीर रूप से झुलसी महिला को जीटीबी अस्पताल दिल्ली में भर्ती कराया। इस मामले में बड़ौत कोतवाली में सास बातुन, देवर हासिम, देवरानी शायरा, चाचा मोमिन और साबिर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया । शनिवार को महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वही महिला की मौत के बाद ही परिजन शव को एंबुलेंस में रखकर बागपत एसपी दफ्तर पहुंचे और शव को रखकर हंगामा किया। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसपी जयप्रकाश के आश्वासन पर ही परिजन शांत हुए तथा शव को लेकर चले गए। इस मौके पर असगर अली, हफीजूद्दीन, मेहंदी हसन, असलम, रोजूद्दीन, मेहरबान, अख्तर, हुसैन आदि मौजूद रहे।