बड़ौत (बागपत)।
मलकपुर चीनी मिल में इंजीनियर के साथ क्रेन चेक करते समय मैकेनिक अचानक क्रेन चलने से नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गई। मौत के बाद मिल अधिकारियों ने शव मैकेनिक के घर कोर्ट रोड बागपत भेज दिया तो परिजनों ने हंगामा कर दिया। शव को दोबारा मिल में लाया गया। उसके परिजनों ने हंगामा करते हुए 25 लाख मुआवजा दिलाने की मांग की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस फिलहाल इंजीनियर को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
शनिवार को क्रेन इंजीनियर धर्मेंद्र मिल की रिपेयरिंग करने वाले कर्मचारी शराफत पुत्र अख्तर निवासी कोर्ट रोड बागपत के साथ क्रेन बंद कर उसकी जांच कर रहा था। अचानक क्रेन चलने से शराफत नीचे गिर गया। उसे निजी अस्पताल लाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। मिल अधिकारियों ने शराफत (32) के शव को उसके घर भेज दिया तो परिजन आक्रोशित हो उठे। वे शव को लेकर मिल में ले आए और हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का कहना था कि जब उन्होंने मिल के अधिकारियों से बातचीत की तो उन्होंने अभद्रता की। इतना ही नहीं जिस स्थान पर शराफत क्रेन से गिरा था, वहां से खून भी साफ कर दिया गया। हंगामे की स्थिति को देखकर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शराफत के भाई शौकत ने बताया कि उसके दो लड़कियों व दो बेटे है और उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। उसे 25 लाख का मुआवजा दिलाया जाए। पुलिस फिलहाल इंजीनियर धर्मेन्द्र को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। परिजनें का कहना था कि चेकिंग के दौरान जब क्रेन बंद थी, तो क्यों चली। इसमेें मिल अधिकारी भी दोषी हैं। इस दुघर्टना के बाद मिल अधिकारी पीछे के गेट से निकल चले गए। इस संबंध में जब कोतवाली प्रभारी एके सिंह का कहना था कि अभी तहरीर नहीं आई है। मामले की जांच कराई जा रही है।