बागपत। बड़ौत निवासी नूर हसन ने छह साल पूर्व बेटी इशरत का निकाह बड़ौत निवासी गुलजार के साथ किया था। निकाह के एक साल बाद ही दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने इशरत को घर से निकाल दिया था। इशरत तभी से अपने मायके में रह रही है। उसके पांच साल की बेटी भी है। ससुराल वालों के खिलाफ बागपत न्यायालय में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा चल रहा है। बृहस्पतिवार को इशरत अपनी बेटी के साथ बागपत कोर्ट में मुकदमे की पैरवी करने आई थी। जब वह वापस लौट रही थी तो कहचरी के पास पति व ससुर ने मां-बेटी पर हमला बोल दिया। उनकी लात-घूंसों से पिटाई की। दोनों का गला दबाकर मारने का प्रयास किया। शोर मचाने पर हमलावर जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। हमले में मां-बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए। इस संबंध में महिला ने पति व ससुर के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी। कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है।